यूपी के 75 जिलों में योगी सरकार का ‘सुरक्षा कवच’, 6 हजार से ज्यादा बुजुर्गों को मिला नया जीवन

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By Raj RathorePublished On: April 24, 2026
UP Old Age Home

उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता और सरकार की ठोस पहल से अब असहाय और बेसहारा रहने की पुरानी तस्वीर बदल रही है। योगी सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में वृद्धाश्रमों का संचालन कर हजारों बुजुर्गों को नई जिंदगी दी है। इन आश्रमों में आज 6 हजार से अधिक बुजुर्ग सुकून और सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

वृद्धाश्रमों की खासियत सिर्फ छत देना नहीं है, बल्कि यहां बुजुर्गों को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिल रहा है। प्रशासन उनकी दिनचर्या, खान-पान, कपड़ों और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखता है। सुबह से रात तक उनकी हर जरूरत पूरी की जाती है, ताकि उन्हें किसी भी चीज की कमी महसूस न हो।

नियमित देखभाल

बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आश्रमों में पौष्टिक भोजन की व्यवस्था है। सुबह नाश्ते में चाय के साथ हलवा, चना, दलिया या पोहा दिया जाता है। दोपहर के भोजन में दाल, सब्जी, चावल और सलाद शामिल होता है, जबकि रात में हल्का और सुपाच्य भोजन परोसा जाता है। एक तय मेन्यू के अनुसार प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाता है।

स्वास्थ्य सुरक्षा 

आर्थिक तंगी या परिवार की उपेक्षा के कारण बुजुर्गों के इलाज में आने वाली बाधाओं को इन आश्रमों में दूर किया गया है। यहां नियमित स्वास्थ्य जांच होती है, डॉक्टरों की सलाह मिलती है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है। इससे बुजुर्ग खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं।

बदली हजारों की जिंदगी

पहले जो बुजुर्ग रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों या सड़कों पर दिन गुजारने को मजबूर थे, वे अब इन सुरक्षित आश्रमों में रह रहे हैं। उन्हें न केवल आश्रय और समय पर भोजन मिल रहा है, बल्कि सबसे अहम यह है कि अब उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होता। वे एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं और नए रिश्ते बनाते हैं।

बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य और खुशी के लिए आश्रमों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। योग, भजन-कीर्तन, सामूहिक बातचीत और छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से माहौल जीवंत बना रहता है। इससे उनका मन लगा रहता है और वे सक्रिय महसूस करते हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

सरकार सिर्फ आश्रय ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा भी दे रही है। प्रत्येक माह 1000 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज भी उपलब्ध है, जिससे उनकी कई बड़ी चिंताएं दूर हुई हैं।

निरंतर निगरानी

योगी सरकार इस योजना की निरंतर निगरानी कर रही है ताकि व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। समय-समय पर इन आश्रमों का निरीक्षण होता है और आवश्यकतानुसार नई सुविधाएं जोड़ी जाती हैं। इसी कारण इन आश्रमों की व्यवस्था लगातार सुधर रही है। बरेली, लखनऊ, मुरादाबाद, प्रयागराज जैसे कई जिलों में बुजुर्गों की बड़ी संख्या इन आश्रमों में रह रही है, जो समाज में ऐसे लोगों की बढ़ती आवश्यकता को भी दर्शाती है जिन्हें सहारे की जरूरत है।