इंदौर पुलिस ने किडनैपर दंपति की 7 दिन की प्लानिंग को 7 घंटे में किया फेल, 15 लाख रुपए की मांगी थी फिरौती

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By Raj RathorePublished On: April 24, 2026
Indore Kidnapping Case

Indore Kidnapping Case : इंदौर में दो बच्चों के अपहरण की सनसनीखेज वारदात को मध्य प्रदेश पुलिस ने सात घंटे के भीतर ही सुलझा लिया। गुरुवार देर रात पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए अगवा किए गए 9 वर्षीय नैतिक और 11 वर्षीय सम्राट को सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग में हुए भारी नुकसान के बाद अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल बनाए रखने के लिए यह अपहरण की साजिश रची थी।

इंदौर के तिरुपति गार्डन इलाके से बीते गुरुवार को नैतिक और सम्राट को अगवा कर लिया गया था। आरोपियों ने बच्चों के परिजनों से 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसमें एक युवती बच्चों को बिल्ली दिखाने के बहाने अपने साथ ले जाती दिख रही थी।

साजिश का पर्दाफाश

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस अपहरण की साजिश करीब एक हफ्ते पहले रची थी। आरोपी राधिका ने नैतिक और सम्राट से दोस्ती की, क्योंकि दोनों को जानवरों में काफी रुचि थी। घटना वाले दिन राधिका दोनों बच्चों को बिल्ली दिखाने के बहाने अपने साथ ले गई। रास्ते में उसने बच्चों को पानी और चिप्स भी दिए। उसका भाई विनीत पूरे समय बगीचे में बैठकर निगरानी करता रहा और बाद में उसने ही फिरौती के लिए फोन किया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पकड़े गए सभी आरोपी महंगी जीवनशैली के आदी थे। शेयर ट्रेडिंग में बड़ा नुकसान होने और कर्ज में डूब जाने के बाद उन्होंने फिरौती के लिए अपहरण का रास्ता चुना।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विनीत, राधिका, ललित और उसकी पत्नी तनीषा के रूप में हुई है। विनीत शेयर ट्रेडिंग का काम करता था, जबकि ललित पहले ड्राइवर रह चुका है। आरोपी राधिका फ्लिपकार्ट से जुड़े एक कॉल सेंटर में टेलीकॉलर का काम करती थी। राधिका को बातचीत के दौरान यह अनुमान हो गया था कि बच्चे किसी अमीर परिवार से नहीं हैं, इसके बावजूद 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

बच्चों के अपहरण की जानकारी मिलते ही इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कई टीमें गठित कर शहर में सक्रिय कर दीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। करीब सात घंटे की सघन मशक्कत के बाद पुलिस देर रात करीब दो बजे आरोपियों तक पहुंच गई। जिस फ्लैट में बच्चों को रखा गया था, वह एक ऐसी जगह पर स्थित था जहां से सड़क पर आसानी से नजर रखी जा सकती थी। आरोपी खिड़की से लगातार पुलिस और लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

पुलिस को अपनी ओर आता देख आरोपियों ने लाइट बंद कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर सभी को धर दबोचा। भागने की अफरा-तफरी में कुछ आरोपी गिरकर घायल भी हुए, जिनका फिलहाल इलाज चल रहा है। परिजनों ने लगभग 14 लाख रुपये की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने फिरौती दिए जाने से पहले ही बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस फिलहाल सभी आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।