लखनऊ में कृषि सम्मेलन का शुभारंभ, CM योगी बोले- वैज्ञानिक तकनीकों से बढ़ रही किसानों की आय

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By Raj RathorePublished On: April 24, 2026
CM Yogi Kisan Sammelan

लखनऊ में आयोजित कृषि सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों तथा वैज्ञानिक तकनीकों के प्रयोग से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से किसानों को जानकारी, संसाधन और बाजार, तीनों उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में बताया कि पहले कृषि नीतियां केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित रह जाती थीं। किसानों को नई जानकारी या संसाधनों तक पहुंच बनाने में कठिनाई होती थी। हालांकि, अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर और एग्रो-क्लाइमेटिक जोन आधारित रणनीति लागू कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।

कृषि क्षेत्र में बदलाव की बयार

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का सीधा फायदा किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब कृषि वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिल रहा है। इस सहभागिता से कृषि उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। नवीनतम तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने से उपज की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार आया है।

“हमारी सरकार ने किसानों को केवल उपज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया है, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों के लिए उचित बाजार और मूल्य भी उपलब्ध कराए हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसान भाई बिचौलियों के शोषण से मुक्त होकर अपनी मेहनत का पूरा लाभ उठा सकें।” — योगी आदित्यनाथ

आधुनिक खेती का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रो-क्लाइमेटिक जोन के आधार पर फसलों का चयन और उनकी बुवाई की रणनीति तैयार की जा रही है। इससे उन क्षेत्रों में भी कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है, जहां पहले खेती चुनौतीपूर्ण मानी जाती थी। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज और सिंचाई सुविधाएं प्रदान कर रही हैं, जिससे खेती अधिक उत्पादक और टिकाऊ बन रही है।

सम्मेलन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देना और किसानों को नई तकनीकों से अवगत कराना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ऐसे सम्मेलनों से कृषि विज्ञान और जमीनी हकीकत के बीच की खाई कम होगी, जिससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर और बेहतर हो सकेगा।