इंदौर से उज्जैन तक चलेगी मेट्रो, सिंहस्थ से पहले मिलेगी सौगात, 10 हजार करोड़ रुपए होंगे खर्च

Author Picture
By Raj RathorePublished On: April 23, 2026

Indore to Ujjain Metro : इंदौर और उज्जैन के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। दोनों धार्मिक और व्यावसायिक शहरों को जोड़ने वाली प्रस्तावित मेट्रो परियोजना अब अपने अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) राज्य सरकार को सौंप दी है।

यह परियोजना लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होगी और इसका मुख्य लक्ष्य इंदौर से उज्जैन के बीच यात्रा को सुपरफास्ट और बेहद सुविधाजनक बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि इस मेट्रो प्रोजेक्ट से दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे दैनिक यात्रियों और श्रद्धालुओं को बड़ा लाभ मिलेगा।

परियोजना का विवरण

दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन द्वारा सौंपी गई DPR में प्रोजेक्ट के तकनीकी, वित्तीय और परिचालन संबंधी सभी पहलुओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया गया है। इसमें मेट्रो रूट, स्टेशनों की संख्या, अनुमानित लागत, निर्माण की समय-सीमा और वित्तीय मॉडल जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अंतिम निर्णय लिए जाएंगे और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त की जाएंगी।

यह परियोजना विशेष रूप से उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी जो हर साल महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उज्जैन आते हैं। साथ ही, इंदौर में काम करने वाले या शिक्षा प्राप्त करने वाले उज्जैन के निवासियों और दोनों शहरों के बीच नियमित आवागमन करने वाले यात्रियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा। यह परिवहन का एक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प प्रदान करेगा।

सिंहस्थ से पहले सरप्राइज की उम्मीद

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को आगामी सिंहस्थ महापर्व से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह परियोजना सिंहस्थ 2028 से पहले बनकर तैयार हो जाती है, तो यह श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी सौगात होगी। इससे सिंहस्थ के दौरान लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन को सुगम बनाने में काफी मदद मिलेगी।

इस प्रोजेक्ट से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि यह दोनों शहरों के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

राज्य सरकार इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है ताकि जल्द से जल्द इसका लाभ जनता को मिल सके और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सके। डीपीआर जमा होने के बाद अब सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर इसका गहन अध्ययन करेगी और परियोजना को मूर्तरूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी।