Simhastha 2028 : मध्य प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक उज्जैन के रेलवे स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदलने जा रही है। साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए, उज्जैन जंक्शन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का काम तेज गति से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 421 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेलवे प्रशासन का लक्ष्य इस स्टेशन को न केवल आधुनिक बनाना है, बल्कि इसे शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक भी बनाना है। पुनर्विकास का काम अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है।
Simhastha 2028 की तैयारी
उज्जैन में हर 12 साल में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। 2028 में होने वाले अगले आयोजन के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए स्टेशन का कायाकल्प बेहद महत्वपूर्ण है। नई सुविधाओं से लैस स्टेशन यात्रियों के अनुभव को सुगम और आरामदायक बनाएगा।
कैसा होगा नया स्टेशन?
पुनर्विकास के बाद उज्जैन स्टेशन एक हाईटेक जंक्शन के रूप में उभरेगा। यहां यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें शामिल हैं:
- विशाल एयर कॉनकोर्स: यात्रियों के बैठने और इंतजार करने के लिए एक बड़ा, वातानुकूलित हॉल बनाया जाएगा।
- नए प्लेटफॉर्म और फुटओवर ब्रिज: ट्रेनों के सुचारू संचालन और यात्रियों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और चौड़े फुटओवर ब्रिज का निर्माण होगा।
- मल्टी-लेवल पार्किंग: वाहनों की पार्किंग के लिए एक व्यवस्थित मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी।
- आधुनिक टिकट काउंटर और वेटिंग एरिया: यात्रियों को टिकट खरीदने और ट्रेन का इंतजार करने के लिए आरामदायक और आधुनिक जगह मिलेगी।
- सांस्कृतिक झलक: स्टेशन की इमारत के डिजाइन में उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी, जो इसे एक अलग पहचान देगी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन स्टेशन न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि देश के सबसे आधुनिक और सुविधायुक्त स्टेशनों में से एक बन जाएगा। यह विकास कार्य न केवल सिंहस्थ के दौरान बल्कि आम दिनों में भी लाखों यात्रियों को बेहतर रेल यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा।











