मध्यप्रदेश के Indore की रहने वाली ज्योत्सना जोशी ने राष्ट्रीय स्तर की नवोन्मेष प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), इंदौर की प्रशिक्षार्थी ज्योत्सना ने अपनी प्रतिभा और नवाचार के दम पर देशभर के प्रतिभागियों के बीच खास पहचान बनाई। इस उपलब्धि के लिए उन्हें भारत सरकार की ओर से ₹50,000 की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई।
नवाचार प्रतियोगिता में देशभर के युवाओं से हुआ मुकाबला
ज्योत्सना जोशी ने बताया कि यह नवोन्मेष प्रोत्साहन कार्यक्रम Aditya Birla Capital Foundation और Pilani Innovation and Entrepreneurship Development Society के सहयोग से Ministry of Skill Development and Entrepreneurship (एमएसडीई) के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता का अंतिम चरण 9 से 10 मार्च 2026 को Bengaluru स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित हुआ, जहां देशभर से आए प्रतिभागियों ने अपने नवाचार और उद्यमशील विचार प्रस्तुत किए।
कौशल को उद्यमिता में बदलने का मंच
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को अपने कौशल को नवीन विचारों और उद्यमशील परियोजनाओं में बदलने के लिए प्रेरित करना है। इसके माध्यम से युवाओं में स्टार्टअप और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। वर्तमान में ज्योत्सना जोशी राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), इंदौर से फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी (अपैरल सेक्टर) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और इसी क्षेत्र से जुड़ा उनका नवाचार राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
700 प्रतिभागियों के बीच बनाई टॉप-15 में जगह
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में आईटी एवं आईटीईएस, ऑटोमोटिव, परिधान (अपैरल), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर तथा विनिर्माण जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया था। देशभर से लगभग 700 प्रशिक्षुओं ने इसमें भाग लिया और अपने तकनीकी प्रशिक्षण पर आधारित नवाचार प्रस्तुत किए। कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद टॉप-15 विचारों को अंतिम पिच राउंड के लिए चुना गया, जहां प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ ज्यूरी के सामने अपनी प्रस्तुति दी।
विजेताओं को दिए गए आकर्षक नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को क्षेत्रवार नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को ₹1,00,000, द्वितीय स्थान के लिए ₹75,000 और तृतीय स्थान के लिए ₹50,000 की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई थी। ज्योत्सना जोशी ने तीसरा स्थान हासिल कर ₹50,000 का पुरस्कार अपने नाम किया।
कार्यक्रम में शामिल हुए कई वरिष्ठ अधिकारी
इस कार्यक्रम में कर्नाटक के क्षेत्रीय निदेशक जी.सी. राममूर्ति, डीजीटी के निदेशक (सीएफआई) हेमंत डी. गांजरे, डीजीटी की निदेशक स्वाति सेठी सहित कौशल विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग एवं इनक्यूबेशन केंद्रों के प्रतिनिधि, एनएसटीआई के मेंटर्स, फैकल्टी सदस्य और प्रशिक्षु भी मौजूद रहे। सभी ने प्रतिभागियों के नवाचार और उनके उद्यमशील दृष्टिकोण की सराहना की।
संस्थान में खुशी का माहौल, अधिकारियों ने दी बधाई
ज्योत्सना की इस सफलता से राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), इंदौर में खुशी का माहौल है। आरडीएसडीई मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक अभय अरुण महिषी, संयुक्त निदेशक डी.एल. मीना, प्राचार्य/उपनिदेशक नैना नागपाल और सहायक निदेशक गुलाबचंद्र ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी। अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नवाचार और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
मेंटर के मार्गदर्शन से मिली सफलता
ज्योत्सना जोशी की इस उपलब्धि में प्रशिक्षण अधिकारी ज्योतिबाला राठौर की मेंटर और एसपीओसी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ज्योत्सना ने अपने विचार को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया और राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।










