Mohan Cabinet Meeting: किसानों पर मेहरबान सरकार, 28 हजार करोड़ के मेगा प्लान से बदलेगी खेती की तस्वीर

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By Pinal PatidarPublished On: March 2, 2026

नागलवाड़ी में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खासा ध्यान खींचा। शिखरधाम स्थित भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने 8 एकड़ के गार्डन में अस्थायी मंत्रालय तैयार किया गया, जहां मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक शुरू होने से पहले मोहन यादव ने सभी मंत्रियों के साथ भीलटदेव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। धार्मिक आस्था और प्रशासनिक निर्णयों का यह संगम इस बैठक को विशेष बनाता है। बड़वानी जिले में आयोजित इस विशेष सत्र को ‘कृषि मंत्रिपरिषद’ का नाम दिया गया, जिससे स्पष्ट है कि फोकस पूरी तरह किसानों और कृषि विकास पर केंद्रित रहा।

आदिवासी अंचल पर विशेष ध्यान: सात जिलों की विकास रूपरेखा

यह बैठक निमाड़ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखकर आयोजित की गई। सरकार ने बुरहानपुर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, खंडवा और बड़वानी जैसे सात जिलों को प्राथमिकता में रखा। इन जिलों में कृषि, सिंचाई, पशुपालन और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश सरकार की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारना ही इस पहल का उद्देश्य है।

28 हजार करोड़ की सौगात: 16 योजनाओं को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 16 योजनाओं पर लगभग 28 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया। इसमें वरला-पानसेमल सिंचाई परियोजना को हरी झंडी दी गई, जिसकी अनुमानित लागत करीब 12,008 करोड़ रुपये है। इस योजना से पानसेमल तहसील के 53 गांवों में लगभग 5,500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसे बड़वानी जिले के कृषि विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

विभागवार योजनाओं का खाका: कृषि से लेकर मत्स्य तक

कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की 3 योजनाओं पर 3,502 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 3 योजनाओं पर 4,264 करोड़ का प्रावधान है। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं के लिए लगभग 9,508 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं पर 218.50 करोड़ और सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं पर 8,186 करोड़ रुपये निवेश होंगे।

इसके अलावा नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत 2 योजनाओं पर 2,080 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बड़वानी उद्यान माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिससे 33 गांवों की 15,500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसकी अनुमानित लागत लगभग 800 करोड़ रुपये बताई गई है।

बड़े नीतिगत फैसले: भावांतर से पर्यटन तक

कैबिनेट ने भावांतर योजना में सरसों फसल को शामिल करने की मंजूरी दी, जिससे किसानों को फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। बड़वानी शहर में आधुनिक कृषि उपज मंडी के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार सुविधा मिलेगी। मत्स्य पालन के लिए नई नीति तैयार करने का भी निर्णय हुआ, जो मछली उत्पादन और उससे जुड़े व्यवसायों को प्रोत्साहित करेगी। साथ ही भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

दो वरिष्ठ मंत्रियों की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय

बैठक के दौरान दो वरिष्ठ मंत्रियों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को जन्म दिया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल बैठक में शामिल नहीं हुए। हाल ही में दोनों नेताओं ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उसी दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अमित शाह से भेंट की थी। ऐसे में दोनों वरिष्ठ मंत्रियों की लगातार अनुपस्थिति ने सियासी अटकलों को हवा दे दी है।