मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में सोमवार को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कृषि कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। खास बात यह है कि यह बैठक आदिवासी समाज के आराध्य लोकदेव भिलटदेव के आंगन में तंबू में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव दोनों उपमुख्यमंत्रियों और 25 से अधिक मंत्रियों के साथ इसमें शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री किसानों से संवाद भी करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
शिखरधाम में दर्शन के बाद होगी चर्चा
मुख्यमंत्री सुबह लगभग 10:30 बजे नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम पहुंचेंगे, जहां वे मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ भिलटदेव के दर्शन करेंगे। इसके बाद करीब 11:30 बजे शिखरधाम परिसर में कृषि कैबिनेट की औपचारिक बैठक शुरू होगी। बैठक में कृषि क्षेत्र की प्रगति, ग्रामीण विकास योजनाएं, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। रविवार को प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सिंचाई परियोजनाओं पर अहम निर्णय संभव
कैबिनेट एजेंडे में चार प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को चर्चा के लिए शामिल किया गया है। ये परियोजनाएं मुख्य रूप से बड़वानी, आलीराजपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिलों से संबंधित हैं। संभावना है कि चर्चा के बाद इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है, जिससे क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
भगोरिया और भिलटदेव स्थल के विकास पर मंथन
बैठक में आदिवासी अंचल के प्रमुख उत्सव भगोरिया को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही भिलटदेव मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों पर भी चर्चा संभव है। निमाड़ अंचल में उद्यानिकी, मसाला और नकदी फसलों का व्यापक उत्पादन होता है, ऐसे में इन क्षेत्रों के किसानों के लिए नई योजनाओं या घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है।
भौंगर्या उत्सव में भी होंगे शामिल
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री दोपहर लगभग 2 बजे जुलवानिया पहुंचेंगे और आदिवासी समाज के पारंपरिक भौंगर्या उत्सव में भाग लेंगे। वे करीब दो घंटे तक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। यह आयोजन स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निमाड़ी संस्कृति की झलक और विशेष व्यवस्थाएं
भिलटदेव मंदिर परिसर को निमाड़ी संस्कृति के अनुरूप सजाया गया है। कलेक्टर जयती सिंह के अनुसार यहां पांच डोम, 12 से अधिक पैगोडा, प्रदर्शनी स्थल, मीडिया ब्रीफिंग कक्ष और भोजनशाला की व्यवस्था की गई है। आगंतुकों के लिए मक्के की रोटी, अमाड़ी की भाजी, दाल-पानिये सहित पारंपरिक निमाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। करीब 800 वर्ष पुराने इस मंदिर की तलहटी में हो रही यह कैबिनेट बैठक निमाड़ क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।
मार्ग वीवीआईपी जोन घोषित, यातायात में बदलाव
कार्यक्रम को देखते हुए गवाघाटी से शिखरधाम नागलवाड़ी तक का मार्ग वीवीआईपी जोन घोषित किया गया है। इस दौरान सामान्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो। खरगोन से सेगांव की ओर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि छोटे वाहन निर्धारित मार्ग से आ-जा सकेंगे।
डेस्टिनेशन कैबिनेट की परंपरा जारी
मोहन सरकार पहले भी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकों का आयोजन कर चुकी है। जबलपुर, दमोह के सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर राजबाड़ा और खजुराहो जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर बैठकें हो चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन बैठकों का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। नागलवाड़ी में होने जा रही यह बैठक भी उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।










