इंदौर के एमवाय अस्पताल में पहली बार बेरियाट्रिक एंड मेटाबॉलिक ओबेसिटी क्लिनिक की शुरुआत की गई है। यह सुविधा सरकारी अस्पताल में शुरू होने के कारण खास मानी जा रही है, क्योंकि इसके तहत मोटापे से जुड़े मरीजों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
अब तक गंभीर मोटापे से जूझ रहे कई मरीजों को जांच, परामर्श और आगे के इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। निजी क्षेत्र में यह उपचार महंगा होने के कारण बड़ी संख्या में मरीज समय पर इलाज नहीं करा पाते थे। नए क्लिनिक की शुरुआत से इस अंतर को कम करने की कोशिश की गई है।
अस्पताल में शुरू हुए इस क्लिनिक का फोकस ऐसे मरीजों पर रहेगा, जिनमें मोटापा सिर्फ वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि मेटाबॉलिक समस्याओं के रूप में सामने आ रहा है। सरकारी व्यवस्था में इस तरह की विशेष सेवा जुड़ने से ओबेसिटी मैनेजमेंट को नियमित चिकित्सा ढांचे में शामिल करने का रास्ता मजबूत होगा।
सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ ओबेसिटी केयर की शुरुआत
बेरियाट्रिक और मेटाबॉलिक ओबेसिटी क्लिनिक का मतलब केवल वजन घटाने की सलाह तक सीमित नहीं है। ऐसे क्लिनिक में मरीज की स्थिति का समग्र मूल्यांकन किया जाता है, ताकि मोटापे से जुड़ी स्वास्थ्य जटिलताओं को भी साथ में संभाला जा सके। एमवाय अस्पताल में यह व्यवस्था शुरू होने से मरीजों को एक ही जगह पर सुनियोजित परामर्श और उपचार की दिशा मिल सकेगी।
सरकारी अस्पतालों में आमतौर पर जनरल मेडिसिन, सर्जरी और अन्य नियमित विभाग सक्रिय रहते हैं, लेकिन मोटापे जैसे जटिल और बढ़ते स्वास्थ्य मुद्दे के लिए अलग क्लिनिक की कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है। इस नई शुरुआत को उसी जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।
मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद
मोटापे से जुड़े इलाज में लंबे समय की निगरानी, जीवनशैली प्रबंधन और कई बार विशेष प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में खर्च बड़ा कारण बनता है। एमवाय अस्पताल में मुफ्त उपचार की उपलब्धता से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के मरीजों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
सरकारी संस्थान में यह सुविधा शुरू होने का असर आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों पर भी पड़ सकता है। इंदौर क्षेत्र का एमवाय अस्पताल बड़े रेफरल सेंटर के रूप में काम करता है, इसलिए इस क्लिनिक से शहर के साथ-साथ बाहरी मरीजों के लिए भी पहुंच आसान हो सकती है।
ओबेसिटी को अलग रोग-श्रेणी में देखने की दिशा
चिकित्सा जगत में अब मोटापे को सिर्फ बाहरी बदलाव नहीं, बल्कि एक बहु-कारक बीमारी के रूप में देखा जा रहा है। इसी कारण मेटाबॉलिक ओबेसिटी क्लिनिक जैसी अवधारणाएं महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। एमवाय अस्पताल में यह पहल बताती है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भी बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढाल रही हैं।
कुल मिलाकर, एमवाय अस्पताल में शुरू हुआ यह क्लिनिक इंदौर के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में एक नई जोड़ के रूप में सामने आया है। मुफ्त उपचार का प्रावधान इस पहल को और प्रभावी बनाता है। आने वाले समय में मरीजों की संख्या, फॉलोअप और परिणाम इस सुविधा की वास्तविक उपयोगिता तय करेंगे, लेकिन फिलहाल इसे मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।











