आधा लगेगा टैक्स, 1 करोड़ की गाड़ी पर बचेंगे 4 लाख, उज्जैन वाहन मेले में पहुंची इंदौर के खरीदारों की भारी भीड़

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By Raj RathorePublished On: February 16, 2026
Ujjain Wahan Mela

Ujjain Wahan Mela : उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में विक्रमोत्सव के मौके पर लगा वाहन मेला धमाकेदार शुरुआत के साथ खुल गया है। पहले दिन महाशिवरात्रि का संयोग भी था, जिससे वाहनों की खरीदारी में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ। मेले की सबसे बड़ी खासियत मोटरयान कर (आरटीओ टैक्स) में 50 प्रतिशत की सीधी छूट ने ग्राहकों को बड़ी तादाद में खींचा।

पहले दिन सबसे अधिक भीड़ इंदौर के खरीदारों की रही। स्थानीय शोरूम में पूरी कीमत चुकाने के बजाय लोग उज्जैन आकर छूट का फायदा लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कई प्रीमियम और लग्जरी कारों की बुकिंग पहले ही हो चुकी थी। ये ग्राहक सिर्फ मेले के उद्घाटन का इंतजार कर रहे थे ताकि डिलीवरी ले सकें।

लाखों की बचत

मेले का सबसे आकर्षक पहलू टैक्स में रियायत है। नियमानुसार, यहां खरीदे गए वाहनों पर आरटीओ टैक्स आधा लगता है। इसका मतलब यह है कि जितनी महंगी गाड़ी, उतनी ज्यादा बचत।

उदाहरण के लिए, अगर किसी लग्जरी कार की कीमत 1 करोड़ रुपये है और उस पर 8 फीसदी यानी 8 लाख रुपये टैक्स बनता है, तो मेले में सिर्फ 4 लाख रुपये टैक्स देना होगा। एक ही सौदे में 4 लाख रुपये की सीधी बचत होती है। यही गणित सामान्य कम्यूटर बाइक से लेकर एसयूवी तक सब पर लागू होता है।

123 फोर-व्हीलर स्टॉल

इस बार मेले को भव्य स्वरूप दिया गया है। कुल 223 दुकानें लगाई गई हैं। इनमें चार पहिया वाहनों के लिए 123 स्टॉल और दोपहिया वाहनों के लिए 40 स्टॉल शामिल हैं। इसके अलावा आगंतुकों के लिए करीब 60 फूड स्टॉल भी लगाए गए हैं।

डीलर्स की संख्या में इंदौर के व्यापारियों का दबदबा है। बढ़ती मांग और डिलीवरी में देरी से बचने के लिए डीलर्स ने पहले से पर्याप्त स्टॉक तैयार रखा है ताकि मौके पर ही गाड़ी सौंपी जा सके।

दो साल से सफल आयोजन

मध्य प्रदेश सरकार पिछले दो वर्षों से ग्वालियर व्यापार मेले के मॉडल पर उज्जैन में यह वाहन मेला आयोजित कर रही है। सरकारी टैक्स छूट के कारण वाहनों की ऑन-रोड कीमत काफी घट जाती है। लोग महीनों पहले से इस मेले का इंतजार करते हैं। यह मेला 19 मार्च तक अनवरत चलेगा।

शोरूमों और आरटीओ पर सीधा असर

व्यापारिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेले की पूरी अवधि में इंदौर व आसपास के जिलों के खरीदार उज्जैन की तरफ रुख करेंगे। इसका असर इंदौर के स्थानीय शोरूमों की बिक्री पर पड़ सकता है। इसी कारण इंदौर के अधिकतर प्रमुख डीलर्स ने उज्जैन मेले में खुद स्टॉल लगाकर अपने ग्राहकों को सेवाएं देने का फैसला किया है।

दूसरी चुनौती आरटीओ राजस्व से जुड़ी है। मेले में छूट का लाभ तभी मिलता है जब वाहन का स्थायी पंजीकरण उज्जैन आरटीओ में कराया जाए। इस वजह से इंदौर समेत अन्य जिलों के आरटीओ कार्यालयों के कर राजस्व में गिरावट तय मानी जा रही है। बड़ी संख्या में वाहन उज्जैन में रजिस्टर होंगे, जिससे इंदौर आरटीओ का हिस्सा घटेगा।

नए मॉडलों और लग्जरी कारों की धूम

बाजार में हाल ही में लॉन्च हुए नए मॉडलों को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह है। व्यापारियों के मुताबिक, सरकारी छूट, त्योहारी सीजन और नई गाड़ियों की उपलब्धता का संयोग इस बार बन रहा है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस वर्ष की बिक्री पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

सामान्य बाइक से लेकर करोड़ों रुपये की लग्जरी सेडान और एसयूवी तक — मेले में हर बजट के वाहन मौजूद हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और पार्किंग के लिए भी विशेष व्यवस्था की है।