MP Weather : मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। फरवरी के बीच में राज्य दो अलग-अलग मौसमी पैटर्न का सामना कर रहा है।
इन दिनों मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में साफ आसमान और तेज धूप देखी जा रही है। इस वजह से दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। फरवरी के महीने में गर्मी का यह अनुभव लोगों को चौंका रहा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है।
हालांकि रातों में हल्की ठंडक अब भी महसूस हो रही है। न्यूनतम तापमान अभी भी 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। दिन और रात के तापमान में इस बड़े अंतर की वजह से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
48 घंटों में बदलेगा मौसम
IMD के अनुसार अगले 48 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य प्रदेश तक पहुंचेगा। इसके प्रभाव से कई जिलों में मौसम में बदलाव आएगा। कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा से राज्य की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने इसके चलते सतर्कता बरतने की सलाह दी है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
इन जिलों में होगी बारिश
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तरी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की सबसे अधिक संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने की संभावनाएं है।
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि यहां बारिश की तीव्रता कम रहने की उम्मीद है। दक्षिणी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।
फसलों और किसानों पर असर
फरवरी के इस समय रबी फसलें पकने की अवस्था में हैं। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पकी हुई फसलों की जल्द से जल्द कटाई करें। साथ ही कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था पहले से कर लें ताकि खड़ी फसलों में जलभराव न हो।
बदलते मौसम के पैटर्न पर चिंता
फरवरी में इस तरह के मौसमी उतार-चढ़ाव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहे हैं। एक तरफ गर्मी जैसा अहसास और दूसरी तरफ अचानक बारिश का अलर्ट। यह पैटर्न जलवायु परिवर्तन के संकेतों की ओर इशारा करता है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की बारंबारता इस साल सामान्य से अधिक रही है। इसी वजह से फरवरी में भी बार-बार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में और उतार-चढ़ाव संभव है।
आम नागरिकों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने आम नागरिकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश की संभावना वाले इलाकों में बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें। तापमान में अचानक गिरावट से बचने के लिए गर्म कपड़े भी तैयार रखें।
IMD ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है। मौसम में किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में अपडेटेड बुलेटिन जारी किया जाएगा। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।











