मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, तलाकशुदा बेटियों को भी मिलेगी पेंशन

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By Raj RathorePublished On: February 10, 2026

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने एक महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से प्रगतिशील फैसला लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के सिविल सेवा पेंशन नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी गई, जिसके तहत अब तलाकशुदा बेटियों को भी अपने दिवंगत माता-पिता की परिवार पेंशन (Family Pension) का अधिकार मिलेगा।

यह निर्णय उन हजारों महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत है, जो तलाक के बाद आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करती हैं। अब तक के नियमों के अनुसार, परिवार पेंशन का लाभ केवल अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को ही मिलता था। लेकिन इस संशोधन के बाद, तलाकशुदा बेटियां भी इस सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गई हैं।

पेंशन नियमों में ऐतिहासिक बदलाव

राज्य सरकार के इस कदम को महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976’ में संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई। इस संशोधन के बाद, शासकीय सेवक/पेंशनभोगी की मृत्यु होने पर उनकी तलाकशुदा बेटी भी परिवार पेंशन की पात्र होगी।

यह फैसला सुनिश्चित करेगा कि माता-पिता के निधन के बाद उनकी तलाकशुदा बेटी को आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहना पड़े। यह उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगा और उनकी वित्तीय स्थिरता को मजबूती प्रदान करेगा।

किन्हें और कैसे मिलेगा लाभ?

नए नियम के अनुसार, सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी माता-पिता की मृत्यु के बाद उनकी तलाकशुदा बेटी परिवार पेंशन के लिए आवेदन कर सकेगी। इसके लिए उन्हें आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि तलाक का कानूनी आदेश (डिक्री), प्रस्तुत करना होगा।

सरकार का यह मानना है कि समाज में तलाकशुदा महिलाओं को अक्सर समर्थन की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, परिवार पेंशन का प्रावधान उन्हें एक आवश्यक आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इस फैसले से प्रदेश की कई महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह कदम लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।