उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि किसी की संपत्ति पर अवैध कब्जा हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पीड़ित की समस्या का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। सीएम योगी ने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।
अधिकारियों को सीधी चेतावनी
जनता दर्शन में अवैध कब्जे से जुड़ी कई शिकायतें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए लोगों की समस्याएं सुनें और जांच के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें।” उन्होंने यह भी कहा कि जनपदों में तैनात अधिकारी स्थानीय स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करें ताकि उन्हें लखनऊ तक न आना पड़े।
जब बच्चों से मिले मुख्यमंत्री
इस गंभीर माहौल के बीच कुछ हल्के पल भी देखने को मिले। लखनऊ के लाटूस रोड की रहने वाली चार वर्षीय अनाबिया अली ने भी स्कूल में दाखिले के लिए मदद मांगी, जिस पर मुख्यमंत्री ने उसे दाखिला हो जाने का आश्वासन दिया। एक और बच्ची ने मुख्यमंत्री को सलाम किया, जिस पर सीएम ने उसे आशीर्वाद देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी।
इलाज के लिए तत्काल आर्थिक मदद
कार्यक्रम में एक महिला अपने बीमार बच्चे के साथ पहुंची और इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने उसकी पीड़ा को समझते हुए अधिकारियों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “धन के अभाव में किसी का भी इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।”











