नितिन नबीन के रूप में अब भाजपा को नया राष्ट्रीय नेतृत्व मिल गया है। निर्विरोध निर्वाचन के बाद उन्होंने पार्टी अध्यक्ष का दायित्व संभाल लिया है। इस बदलाव के साथ ही राजनीतिक हलकों की निगाहें अब उत्तर प्रदेश पर केंद्रित हो गई हैं। राज्य में लंबे समय से प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार को 2027 के विधानसभा चुनाव की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर चल रहा इंतजार अब जल्द समाप्त हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि फरवरी के अंतिम दिनों या मार्च के पहले सप्ताह में योगी सरकार का विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में छह पद रिक्त हैं। इस दौरान कुछ मौजूदा मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, जबकि कई नए चेहरों को सरकार में स्थान मिलने की संभावना है। निर्णय लेते समय जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर से सबसे आगे पंकज सिंह का नाम
गौतमबुद्ध नगर से मंत्रिपद की दौड़ में नोएडा से विधायक पंकज सिंह सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पिछली बार हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान भी उनका नाम शीर्ष पर रहा था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनकी युवा छवि, जनसमर्थन और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका को देखते हुए इस बार उन्हें सरकार में जिम्मेदारी मिल सकती है।
अगले सप्ताह या 26 फरवरी से पहले विस्तार संभव
2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में भाजपा सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रही है। अंदरूनी जानकारियों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में बदलाव की प्रक्रिया अगले सप्ताह या 26 फरवरी से पहले पूरी की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शीघ्र ही दिल्ली दौरे की संभावना है, जहां पार्टी नेतृत्व से अंतिम सहमति ली जाएगी। वर्तमान में खाली पड़े छह पदों के साथ-साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों को भी जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है। नए चेहरों को शामिल कर सरकार की पकड़ और मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।









