औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा इंदौर, 2 साल में 1.70 लाख लोगों को मिला रोजगार, शुरू हुए 44000 उद्यम

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By Abhishek SinghPublished On: January 16, 2026

इंदौर अब औद्योगिक विकास के एक नए चरण में कदम रख चुका है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बीते दो वर्षों में जिले में उद्योगों की रफ्तार उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। केंद्र के महाप्रबंधक स्वप्निल गर्ग के मुताबिक, विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में नए उद्यमियों को प्रोत्साहन और सहयोग दिया गया है। बीते तीन सालों में जिले में 15 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया गया है, जहां 700 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। इन परियोजनाओं के जरिए करीब 20 हजार युवाओं के लिए सीधे रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है।

इंदौर को प्रमुख रेल जंक्शन बनाने की तैयारी

अगले तीन–चार सालों में इंदौर को एक प्रमुख रेल जंक्शन के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल शहर से सौ से कम रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन इस संख्या को बढ़ाकर लगभग तीन सौ तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। छह दिशाओं में मजबूत रेल संपर्क के साथ सड़क अवसंरचना को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इंदौर के चारों ओर सात सौ किलोमीटर के दायरे में देश की करीब साठ प्रतिशत आबादी के होने से परिवहन और भंडारण पर होने वाला खर्च काफी घटेगा। सरकार की मंशा लॉजिस्टिक लागत को मौजूदा चौदह प्रतिशत से कम कर सात से आठ प्रतिशत के स्तर तक लाने की है, जिससे उत्पादन सस्ता होगा और निर्यात गतिविधियों को गति मिलेगी।

औद्योगिक मजबूती से निवेशकों की पसंद बना इंदौर

गर्ग के अनुसार इंदौर अपनी सशक्त औद्योगिक परंपरा, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर परिवहन नेटवर्क के चलते निवेश के लिए आकर्षक केंद्र के रूप में उभरा है। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार तलाशने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में लगातार निवेश अनुकूल नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे निवेशकों को आसान, स्पष्ट और समयबद्ध प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है।

दो वर्षों में 44 हजार से अधिक एवं 1.70 लाख लोगों को रोजगार

पिछले दो वर्षों में इंदौर जिले में उद्यमिता को बड़ी मजबूती मिली है, जिसके तहत 44 हजार से अधिक नए व्यवसायों का पंजीकरण किया गया। निर्माण और सेवा क्षेत्रों के विस्तार से करीब एक लाख सत्तर हजार लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। बीते तीन सालों में जिले के भीतर 15 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए गए, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिली है। एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विभिन्न इकाइयों को 328 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही इंदौर को एक बड़े परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ट्रेनों की संख्या को मौजूदा सौ से कम के स्तर से बढ़ाकर 300 तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। भविष्य में इंदौर के चारों ओर 700 किलोमीटर के सड़क दायरे में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी के आने से व्यापार और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

100 उद्योग विहीन ग्राम पंचायतों में अब सक्रिय सूक्ष्म उद्योग

इंदौर जिले ने उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। वर्ष 2024–25 की शुरुआत में जिले की 100 ग्राम पंचायतों में कोई औद्योगिक गतिविधि नहीं थी, लेकिन प्रशासन और उद्योग विभाग के समन्वित प्रयासों से अब इन सभी पंचायतों में सूक्ष्म उद्योग स्थापित किए जा चुके हैं। इस सफलता के बाद जिले की कुल 334 ग्राम पंचायतों में उद्योग सक्रिय हो गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर 2,000 से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिला है। उद्यम पंजीकरण में भी इंदौर ने नया रिकॉर्ड बनाया है—पिछले दो वर्षों में 44,501 नए उद्यम पंजीकृत हुए हैं, जिन्होंने लगभग 1,70,000 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं।