मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद, शासन ने पात्र नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से “संकल्प से समाधान” अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत नगर निगम क्षेत्र की सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें केंद्र और राज्य सरकार की हितग्राही-केंद्रित योजनाओं और लक्ष्य आधारित पहलों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुरूप यह अभियान चार चरणों में विभाजित होकर संचालित किया जाएगा। पहला चरण 12 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च, तीसरा चरण 16 मार्च से 25 मार्च, जबकि चौथा और अंतिम चरण 26 मार्च से 31 मार्च तक संपन्न होगा।
इसी संदर्भ में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने सिटी बस कार्यालय में बैठक कर 15 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक विधानसभा वार आयोजित होने वाले “संकल्प से समाधान अभियान” के शिविरों की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण और समीक्षा की।
85 वार्डों में लगेंगे शिविर
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि सुशासन और स्वराज की दिशा में विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के तहत नगर पालिक निगम इंदौर ने विशेष अभियान की शुरुआत की है। अभियान के पहले चरण में, 15 जनवरी से 10 फरवरी तक, प्रत्येक विधानसभा में वार्ड स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी और निगम के सभी 85 वार्डों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों से हितग्राही-केंद्रित जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
इस पहल के तहत नगर निगम इंदौर लगभग 13 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं के लिए आवेदन प्राप्त करेगा, जिनमें पेंशन योजनाएं, पीएम स्वनिधि योजना, अविवादित संपत्ति के नामांतरण, भवन अनुज्ञापत्र और अन्य सेवाएं शामिल हैं, और उनके त्वरित निपटान का प्रावधान होगा। इसके अलावा, जल सुनवाई के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित जल सुनिश्चित करने हेतु जल संबंधित शिकायतों और समस्याओं के आवेदन भी एकत्र किए जाएंगे और उनका समाधान किया जाएगा।










