इंदौर शहर में दूषित पानी के कारण हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। भागीरथपुरा इलाके में एक और मौत के साथ इस त्रासदी में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 23 पर पहुंच गया है। ताज़ा मामले में, 65 वर्षीय भगवान भारने ने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, भगवान भारने भागीरथपुरा की इमली गली के निवासी थे। दूषित पानी पीने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
दिसंबर से जारी है मौतों का सिलसिला
यह मामला पहली बार 29 दिसंबर, 2023 को बड़े पैमाने पर सामने आया था, जब भागीरथपुरा क्षेत्र में 100 से अधिक लोग एक साथ बीमार पड़ गए थे। शुरुआती जांच में पता चला कि पीने के पानी की पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिल गया था, जिसके कारण यह गंभीर स्थिति पैदा हुई।
उस घटना के बाद से ही लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं और मौतों की खबरें सामने आ रही हैं। इस मामले ने स्थानीय नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता तो इतने लोगों की जान नहीं जाती। अब तक दो दर्जन से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है।










