भागीरथपुरा में स्वास्थ्य सुधार के लिए प्रशासन और आयुष विभाग कर रहा समन्वित प्रयास, घर-घर बांटी जा रही आयुर्वेदिक दवाइयां

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By Abhishek SinghPublished On: January 8, 2026
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इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए मध्य प्रदेश शासन के आयुष विभाग ने एक व्यापक योजना बनाई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय में शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के विशेषज्ञ यहां विशेष चिकित्सा शिविर चला रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों को आयुर्वेदिक दवाइयां प्रदान की जा रही हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है।

आयुर्वेद चिकित्सकों की टीम स्थानीय संजीवनी क्लिनिक के डॉक्टरों के साथ मिलकर मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी रख रही है। शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीत पाल सिंह चौहान और जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने बताया कि मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे जल्दी स्वस्थ हो सकें।

स्थानीय स्वास्थ्य उपायों से समुदाय में बढ़ी जागरूकता

संक्रमण के दौरान अपनाए गए घर-घर काढ़ा और हर्बल उपायों के सफल मॉडल को अब भागीरथपुरा में भी लागू किया गया है। लोगों को पानी में सौंफ, जीरा, धनिया और पुदीना जैसी घरेलू औषधियों को उबालकर सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल न केवल बीमार व्यक्तियों को शीघ्र स्वस्थ करने में मददगार है, बल्कि उन लोगों को भी सुरक्षा प्रदान करती है जो अभी तक संक्रमण की चपेट में नहीं आए हैं।

मजबूत इम्युनिटी से संक्रमण से सुरक्षा

प्रशासन का मानना है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी मजबूत थी, वे गंदे पानी से होने वाले संक्रमण से सुरक्षित रहे। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग अब घर-घर जाकर लोगों की इम्युनिटी बढ़ाने पर काम कर रहा है। विभाग की टीमें लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, पानी उबालकर पीने और प्राकृतिक तरीके से शरीर को मजबूत बनाने की सलाह दे रही हैं। आयुष विभाग के अनुसार, दवाओं के साथ-साथ संतुलित आहार और आयुर्वेदिक उपाय संक्रमण से लड़ने में सबसे अधिक प्रभावी साबित होते हैं।