मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव शुक्रवार को विवाह बंधन में बंध गए। यह शादी किसी आलीशान होटल या डेस्टिनेशन वेडिंग की तरह नहीं, बल्कि उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न हुई, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। इस समारोह में 21 अन्य जोड़ों ने भी एक साथ सात फेरे लिए।
सीएम के बेटे की शादी में इस सादगी और सामाजिक समरसता के संदेश की हर तरफ सराहना हो रही है। डॉ. अभिमन्यु ने खरगोन जिले के किसान दिनेश पटेल यादव की बेटी डॉ. इशिता यादव को अपनी जीवन संगिनी बनाया। खास बात यह है कि दूल्हा और दुल्हन दोनों ही पेशे से डॉक्टर हैं। डॉ. अभिमन्यु ने एमबीबीएस के साथ मास्टर ऑफ सर्जन की डिग्री हासिल की है, जबकि डॉ. इशिता भी एमबीबीएस हैं।
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सादगी बनी मिसाल
शादी की रस्में मुख्यमंत्री निवास, गीता कॉलोनी में माता पूजन के साथ शुरू हुई थीं। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ, जिसमें डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता एक रस्म के लिए बैलगाड़ी पर बैठे नजर आए। पारंपरिक और भव्य आयोजनों से दूर, इस तरह की सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि बड़े पदों पर बैठे लोग भी सामाजिक परंपराओं से जुड़कर एक सकारात्मक संदेश दे सकते हैं।
VVIP मेहमानों का लगा तांता
भले ही शादी का आयोजन सादगीपूर्ण था, लेकिन इसमें शामिल होने वाले मेहमानों की सूची काफी बड़ी थी। समारोह में योगगुरु बाबा रामदेव, बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्यपाल मंगू भाई पटेल विशेष रूप से पहुंचे। इनके अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जैसे तुलसी सिलावट और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी भी वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए मौजूद थे।
धीरेंद्र शास्त्री ने की तारीफ
इस अनूठे आयोजन पर बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम द्वारा अपने बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में करना एक नई और अच्छी परंपरा की शुरुआत है।
“ऐसा करने से डेस्टिनेशन वेडिंग में होने वाला खर्च खत्म जाएगा। साथ ही एक नया प्रचलन शुरू हो जाएगा कि सभी अपने बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में कराएंगे।” — धीरेंद्र शास्त्री, महंत, बागेश्वर धाम
वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस आयोजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल सिद्धांत का प्रतिबिंब बताया।
“समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ आए हैं, और यह गर्व की बात है।” — मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
इस शादी ने न केवल फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का संदेश दिया है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाकर सामाजिक एकता को भी मजबूत किया है।










