एमपी में बंद होगी नाइट सफारी, सभी टाइगर रिजर्व पर लागू होगा आदेश, जानिए वजह

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By Raj RathorePublished On: November 30, 2025
Night Safari in MP

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में होने वाली नाइट सफारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने यह फैसला शीर्ष अदालत के 17 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया है, जिसे 1 दिसंबर 2025 से प्रदेश भर में लागू कर दिया गया है।

इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) शुभरंजन सेन ने सभी टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टरों को औपचारिक आदेश भेज दिया है। इस आदेश के बाद सतपुड़ा, बांधवगढ़, कान्हा समेत प्रदेश के सभी प्रमुख टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में शाम के बाद होने वाली सफारी अब इतिहास बन जाएगी।

वापस मिलेगी एडवांस बुकिंग की राशि

इस फैसले का सीधा असर उन पर्यटकों पर पड़ेगा जिन्होंने आने वाले महीनों के लिए नाइट सफारी की एडवांस बुकिंग करा रखी थी। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी पर्यटकों को उनकी पूरी राशि बिना किसी कटौती के वापस की जाएगी।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार 1 दिसंबर से बफर क्षेत्रों में संचालित सभी रात्रिकालीन सफारियों पर प्रतिबंध लागू हो गया है। जिन पर्यटकों ने एडवांस बुकिंग कराई थी, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी राशि वापस की जाएगी।”

अब तक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पिपरिया, बागड़ा और देलाखारी जैसे बफर क्षेत्रों में दिन के साथ-साथ रात में भी सफारी का संचालन होता था, जो पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय थी।

क्यों पड़ी प्रतिबंध की जरूरत?

वन्यजीव विशेषज्ञ लंबे समय से नाइट सफारी का विरोध कर रहे थे। उनका मानना था कि रात के समय वाहनों की तेज रोशनी, शोर और मानवीय दखलंदाजी से वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और जीवन चक्र पर नकारात्मक असर पड़ता है। रात का समय जानवरों के आराम करने, शिकार करने और घूमने का होता है, जिसमें सफारी एक बड़ी बाधा बनती है।

कई बार इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता था। इन्हीं तर्कों और वैज्ञानिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वन्यजीवों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

दिन में ही घूम सकेंगे पर्यटक

इस नए नियम के बाद अब मध्य प्रदेश के किसी भी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को नाइट सफारी की अनुमति नहीं मिलेगी। सफारी गतिविधियां केवल दिन के समय ही संचालित की जाएंगी। बफर एरिया में भी रात के समय किसी भी तरह का पर्यटन या गैर-जरूरी प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भले ही इस फैसले से कुछ पर्यटक निराश हों, लेकिन इसे वन्यजीवों के बेहतर भविष्य के लिए एक जरूरी कदम माना जा रहा है।