रतलाम जिले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा जब वे एक सभा को संबोधित करने सैलाना जा रहे थे। रास्ते में मांगरोल फंटा इलाके में उनकी गाड़ी पर अचानक पत्थरबाजी की गई। इस घटना में कार के शीशे टूट गए और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना के दौरान पटवारी की सुरक्षा टीम और ड्राइवर ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए वाहन को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गनीमत रही कि इस हमले में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन कार को काफी नुकसान हुआ।
धाकड़ समाज का विरोध और काले झंडे
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विरोध धाकड़ समाज की ओर से किया गया था। समाज के लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले जीतू पटवारी ने उनके समाज को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसी के चलते बड़ी संख्या में लोग मांगरोल फंटे पर जमा हुए और काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताया। शुरुआत में माहौल सिर्फ नारेबाजी और काले झंडों तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते भीड़ में से कुछ लोगों ने गाड़ियों की ओर पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
विवादित बयान की गूंज
धाकड़ समाज के विरोध की वजह जीतू पटवारी का हाल ही में दिया गया बयान बताया जा रहा है। उन्होंने एक सभा के दौरान धाकड़ समाज को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी थी, जिससे लोग नाराज हो गए। यह पहला मौका नहीं है जब उनके बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी उन्होंने महिलाओं द्वारा शराब पीने से जुड़े एक बयान दिया था, जिसका प्रदेशभर में विरोध हुआ था। उस समय कई जिलों में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर उनका पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की थी।
पुलिस का दावा और स्थिति
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पथराव की बात सच नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि केवल धाकड़ समाज के लोगों ने काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया था। वहीं मौके पर मौजूद कुछ लोगों का दावा है कि गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए और इसी कारण जीतू पटवारी की कार का शीशा टूटा। इस विरोध और पुलिस की सफाई के बाद अब घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
वोट अधिकार यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे पटवारी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, जीतू पटवारी रतलाम जिले के सैलाना में कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही ‘वोट अधिकार यात्रा’ कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे। कांग्रेस का यह अभियान प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और जनता को जोड़ने के लिए चलाया जा रहा है। हालांकि, यात्रा में पहुंचने से पहले हुई इस घटना ने माहौल को गरमा दिया और राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।