मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में रविवार को बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश के दो अहम विभागों गृह विभाग और विधि विभाग के शीर्ष अधिकारी एक साथ सेवानिवृत्त हो रहे हैं। गृह विभाग के एसीएस जेएन कंसोटिया और विधि विभाग के प्रमुख सचिव नरेन्द्र प्रताप सिंह का कार्यकाल रविवार को पूरा हो जाएगा। शुक्रवार को महीने के आखिरी कार्यदिवस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में दोनों अधिकारियों को औपचारिक विदाई दी गई। इन दोनों विभागों का महत्व सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर माना जाता है, क्योंकि गृह विभाग कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालता है और विधि विभाग प्रशासनिक व न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
नए अधिकारियों की तैनाती और प्रशासनिक फेरबदल
सूत्रों के अनुसार, एक हफ्ते के भीतर दोनों विभागों के लिए नए मुखिया नियुक्त कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी है। इसमें ऐसे अधिकारियों के तबादले और हटाने की संभावना जताई जा रही है, जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं या जिनका नाम बार-बार विवादों में आ चुका है। वहीं ऐसे अफसर भी बदले जा सकते हैं जो अपेक्षित गति से काम नहीं कर पा रहे हैं।
मुख्य सचिव जैन को मिला सेवा विस्तार
मुख्य सचिव अनुराग जैन के कार्यकाल का पहला चरण रविवार को पूरा हो रहा है। इस बीच राज्य सरकार ने उनके सेवा विस्तार का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, जिसे तुरंत मंजूरी मिल गई। इसके बाद अब अनुराग जैन 31 अगस्त 2026 तक मुख्य सचिव बने रहेंगे। शुक्रवार को सेवा विस्तार मिलने के बाद उन्होंने पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की और फिर सीएम डॉ. मोहन यादव से भी उनके निवास पर भेंट की।
2026 में 15 आईएएस होंगे रिटायर
आने वाले वर्षों में भी प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। वर्ष 2026 में 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे। इसमें सबसे चर्चित नाम अलका उपाध्याय का है, जो वर्तमान में केंद्र में सेवाएं दे रही हैं और मई 2026 में रिटायर होंगी। इसके अलावा आशीष श्रीवास्तव, स्मिता भारद्वाज, उमाकांत उमराव, अरुणा गुप्ता और माल सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का कार्यकाल भी 2026 में पूरा होगा।
गृह विभाग के नए एसीएस को लेकर चर्चाएं
गृह विभाग के एसीएस पद के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इनमें डॉ. राजेश राजौरा का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। राजौरा पहले भी गृह विभाग की कमान संभाल चुके हैं और वर्तमान में नर्मदा घाटी विकास विभाग के एसीएस हैं, साथ ही जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे हैं। उनके अलावा अनुपम राजन (एसीएस, उच्च शिक्षा विभाग), अशोक बर्णवाल (एसीएस, वन विभाग) और केसी गुप्ता (एसीएस, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी संभावित दावेदार माना जा रहा है।