Mp News : मध्यप्रदेश सरकार अगले तीन साल में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में यह ऐतिहासिक घोषणा की। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की सुगम आवागमन के लिए सभी बसाहटों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए एक ठोस समय-सीमा तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जल्द से जल्द प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे करें और एक ठोस कार्य-योजना बनाएं। इस योजना से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव आएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ेगा
सीएम ने सड़क निर्माण के साथ-साथ मौजूदा सड़कों की मरम्मत और उन्नयन के लिए भी तेजी से काम करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि सड़कों के रखरखाव में ऐप, जियो-टैगिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाए, जिससे यह प्रक्रिया और भी अधिक प्रभावी हो सके।
कनेक्टिविटी के मामले में मध्यप्रदेश ने की शानदार प्रगति
मध्यप्रदेश में अब तक 89,000 बसाहटों में से 50,658 बसाहटों को सड़क मार्ग से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा, ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 11,544 बसाहटों के लिए सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। शेष 26,798 बसाहटों की कनेक्टिविटी पर काम चल रहा है, और राज्य सरकार इस दिशा में लगातार सक्रिय है।
राष्ट्रीय स्तर पर ई-मार्ग पोर्टल योजना की सराहना की गई
सीएम ने बैठक में बताया कि ‘जनमन योजना’ के तहत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। इसके अलावा, मध्यप्रदेश ने सड़क मेंटेनेंस और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में भी प्रथम स्थान हासिल किया है।
2015-16 में शुरू की गई ई-मार्ग पोर्टल योजना ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता के झंडे गाड़े हैं। इसे अब केंद्र सरकार ने ‘नेशनल ई-मार्ग’ के रूप में लागू किया है। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान यातायात की स्थिति का सर्वे कर सड़कों के उन्नयन और लेन विस्तार का काम प्राथमिकता से किया जाए।