महाराष्ट्र की राजनीति में विधानसभा चुनावों के बाद भी हलचल थमी नहीं है। बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस समर्थित महाविकास आघाड़ी (MVA) को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। हार के बाद MVA के कई नेता और पदाधिकारी महायुति में शामिल हो रहे हैं, जिससे विपक्ष कमजोर होता नजर आ रहा है। विपक्षी दलों के नेता लगातार शिवसेना और बीजेपी का रुख कर रहे हैं, जिससे आगामी निकाय चुनावों से पहले महायुति की स्थिति और मजबूत होती जा रही है। इसी बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटील को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
दो दिन पहले जयंत पाटील ने आधी रात को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की, जिससे महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मच गई। इस बैठक के बाद अटकलें तेज हो गईं कि क्या पाटील भी बीजेपी में शामिल होने की योजना बना रहे हैं? हालांकि, पाटील ने इन कयासों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मुलाकात का कोई राजनीतिक मकसद नहीं था। उन्होंने बताया कि यह बैठक सांगली जिले में उनके निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर हुई थी। हाल ही में पाटील ने एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी के साथ मंच भी साझा किया था।

सूत्रों के अनुसार, फडणवीस सरकार ने जयंत पाटील और उत्तम जानकर को निजी सहायक (पीए) उपलब्ध कराए हैं, जिनका वेतन सरकारी कोष से दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद एक बार फिर अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या जयंत पाटील और बीजेपी के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं।
अजित पवार के संपर्क में आए कई नेता
महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कई नेता अजित पवार के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, धाराशिव जिले के भूम-परंडा से उम्मीदवार राहुल मोटे, अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा से प्रत्याशी राहुल जगताप और परभणी के सेलू-जिंतूर से विजय भांबले जैसे प्रमुख नेता उनके खेमे में शामिल होने की तैयारी में हैं। अगर ये सभी नेता अजित पवार के साथ जुड़ते हैं, तो इससे शरद पवार की पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है।
महायुति में बढ़ सकता है असंतोष
अजित पवार अपनी पार्टी के विस्तार के लिए शरद पवार गुट के कई नेताओं को जोड़ने की रणनीति अपना रहे हैं। हालांकि, उनके इस कदम से महायुति के भीतर असहमति उभर सकती है। बीजेपी और शिवसेना के कई नेताओं में नाराजगी इस बात को लेकर है कि जो प्रत्याशी चुनाव में उनके खिलाफ खड़े थे, अब उन्हें गठबंधन में शामिल किया जा रहा है, जिससे आंतरिक विवाद की स्थिति बन सकती है।
अमोल मिटकरी का बड़ा दावा
इस घटनाक्रम के बीच अजित पवार गुट के विधायक अमोल मिटकरी ने बड़ा दावा किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जल्द ही कई दिग्गज नेता अजित पवार की पार्टी से जुड़ सकते हैं। उनका दावा है कि विपक्षी आघाड़ी के कई विधायक और सांसद अजित पवार के संपर्क में हैं और जल्द ही नया सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है।