नेपाल में है माँ सीता का पवित्र स्थान रामप्रिया

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नई दिल्ली। आइये आज हम आप को बताता है माता सीता के जन्म  स्थान जनकपुर के बार में जो अब हमारे पड़ोसी देश नेपाल में है नेपाल का शहर जनकपुर विदेह राजा जनक की नगरी है। यहां पर मां जानकी का विशाल मंदिर है। जनकपुर प्राचीन मिथिला राज्य की राजधानी थी। यह वो पवित्र स्थान है, जिसका धर्मग्रंथों, काव्यों एवं रामायण में उत्कृष्ट वर्णन है। यहां स्थित जानकी मंदिर देवी सीता को समर्पित है। इसे नौलखा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। सीता माता को समर्पित जानकी मंदिर जनकपुर बाजार के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। वर्तमान जानकी मंदिर का निर्माण टीकमगढ़ की महारानी वृषभानु कुंअरि जी द्वारा 1967 में करवाया गया था। मंदिर दूर से देखने में किसी महल-सा लगता है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में माता जानकी, राजा रामचंद्र और लक्ष्मण जी की प्रतिमाए हैं। मंदिर के बाहर विशाल प्रांगण है।

मंदिर के अंदर 2012 में एक सुंदर गैलरी का निर्माण हुआ। इसमें राम जी के जन्म से जुड़ी कथा झांकियों के रूप में देखी जा सकती है। झांकियों के साथ यहां मधुबनी पेंटिंग का सुंदर संकलन है, जिसमें रामकथा के कई प्रसंग है। झांकी में मंदिर में माता सीता को किए जाने वाले शृंगार का सामान भी देखा जा सकता है। जानकी मंदिर में पिछले कुछ सालों से अखंड सीताराम धुन जारी है। जनकपुर आने वाले हिंदू श्रद्धालु मिथिला परिक्रमा भी करते हैं, जिसमें सीताजी से जुड़े सारे तीर्थ स्थल आते हैं। कहा जाता है कि जनकपुर में ही वैशाख शुक्ल नवमी को मां जानकी का अवतार हुआ था। इस अवसर को जानकी नवमी के रूप में मनाया जाता है। जनकपुर का दूसरा प्रमुख त्योहार विवाह पंचमी का है। इसी दिन सीता जी का भगवान रामचंद्र जी से विवाह हुआ था। उस दिन ये मंदिर खूब सजाया जाता है।

कैसे पहुंचें- बिहार के सीतामढ़ी से करीब 42 किलोमीटर उत्तर में नेपाल की तराई में जनकपुर स्थित है। यहां पहुंचने का सुगम रास्ता बिहार के सीतामढ़ी शहर से है। सीतामढ़ी तक आप रेलगाड़ी से पहुंच सकते हैं। वहां से बस द्वारा नेपाल के सीमांत बाजार भिट्ठामोड़ और वहां से बस  द्वारा जनकपुर पहुंचा जा सकता है। जनकपुर से नेपाल की राजधानी काठमांडू का बस का सफर 10 घंटे का है।

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