हूती का लाल सागर में कब्जा बढ़ा, होर्मुज में कमर्शियल जहाज पर हमला; BRICS की अपील बेअसर?

Author Picture
By EditorPublished On: September 13, 2026

नई दिल्ली
18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भारत, सऊदी अरब, ईरान और यूएई सहित सदस्य देशों की ओर से पश्चिम एशिया (West Asia) में 'अधिकतम संयम' बरतने की अपील और "नई दिल्ली घोषणापत्र" जारी करने के महज 24 घंटे के भीतर क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है।

रणनीतिक रूप से अति-संवेदनशील स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर एक अज्ञात मिसाइल से हमला किया गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, जहाज को पहुंचे नुकसान और चालक दल के सदस्यों की स्थिति की जांच की जा रही है, जबकि इलाके में बाकी जहाजों को काफी ज्यादा सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की गई है।

मोखा पोर्ट और बाब अल-मंडेब पर हूतियों का कब्जा
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक समुद्री मार्ग बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर स्थित आखिरी दो प्रमुख द्वीपों और महत्वपूर्ण मोखा बंदरगाह पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है।

मोखा पोर्ट पर कब्जे के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के शरूराह सैन्य अड्डे पर हथियार डिपो और कमांड सेंटर को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। अल जजीरा के मुताबिक, सऊदी सीमा पर हुए इस हमले में दो लोग घायल हुए हैं।

स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के विकल्प के रूप में इस्तेमाल होने वाले लाल सागर के इस व्यापारिक मार्ग पर हूतियों के बढ़ते नियंत्रण से सऊदी अरब के कच्चे तेल के वैश्विक निर्यात पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी ने यमन के 'अंसार अल्लाह' (हूती) की इन सैन्य सफलताओं का खुले तौर पर स्वागत किया है।

प्रेसिडेंट ट्रंप ने ठुकराई सऊदी की सैन्य कार्रवाई की मांग
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हूतियों के खिलाफ सीधी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया था।

हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने इस चरण में हूतियों के खिलाफ प्रत्यक्ष अमेरिकी सैन्य अभियानों में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

ईरान और ओमान तय करेंगे होर्मुज के नए समुद्री रूट
इस बीच, चीन की सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान और ओमान ने स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के लिए नए एंट्री और एग्जिट रूट के ब्योरे पर सहमति व्यक्त की है।

ईरानी अधिकारियों ने बताया कि दोनों देश सोमवार को मस्कट में होने वाली एक क्षेत्रीय बैठक के दौरान खाड़ी देशों के प्रतिनिधियों को इन नए नेविगेशन मार्गों की विस्तृत जानकारी देंगे, ताकि तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो।

BRICS की अपील के बेअसर होने की आशंका
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब शनिवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पश्चिम एशिया में नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और एनर्जी सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के लिए तत्काल शांति व कूटनीतिक वार्ता का आह्वान किया था। लेकिन जमीनी हकीकत बताती है कि लाल सागर और फारस की खाड़ी में युद्ध का दायरा लगातार चौड़ा होता जा रहा है।