उन्नाव केस: फूटा अखिलेश यादव का गुस्सा, बोले- भाजपा सरकार में सुरक्षित नहीं बेटियां

याद कीजिए बाराबंकी के उस बेटी की घटना जो यहीं मुख्यमंत्री आवास पर आई थी न्याय मांगने के लिए। उसने भी आत्मदाह किया और बाद में उसकी जान नहीं बची। उन्नाव की एक बेटी का तो पूरा परिवार खो दिया।

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Akhilesh yadav

उन्नाव: उन्नाव में गैंगरेप पीड़िता ने शुक्रवार रात दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया है। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश और गुस्सा है। विपक्षी दल सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का भी गुस्सा फूटा है। वह विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गए हैं। उनके साथ पार्टी के कई नेता शामिल है।

मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश हैदराबाद की घटना को लेकर गुस्से में था। उसके बाद उन्नाव की घटना उसी तरह से हुई। उन्नाव की घटना बीजेपी सरकार में पहली नहीं है। उसके आखिरी शब्द थे की वह जिंदा रहना चाहती थी। सफदरजंग के डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उसकी जान नहीं बच पाई। हमारे लिए यह काला दिवस है। एक बेटी जो न्याय मांग रही थी हम उसे न्याय नहीं दे पाए।

योगी सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार के राज में यह पहली घटना नहीं है। याद कीजिए जब मुख्यमंत्री आवास के सामने एक बेटी न्याय मांग रही थी और उसे आत्मदाह की कोशिश करनी पड़ी तब जाकर मुकदमा लिखा गया। याद कीजिए बाराबंकी के उस बेटी की घटना जो यहीं मुख्यमंत्री आवास पर आई थी न्याय मांगने के लिए। उसने भी आत्मदाह किया और बाद में उसकी जान नहीं बची। उन्नाव की एक बेटी का तो पूरा परिवार खो दिया। कौन दोषी था, भारतीय जनता पार्टी की सरकार दोषी थी। यह बेटी जिसकी जान गई है तो उसके भी कोई दोषी हैं तो वह सरकार है क्योंकि सरकार की जानकारी में था।

अखिलेश यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि इसी सदन में मुख्यमंत्री कहते है कि जो अपराध करेंगे उन्हें ठोक दिया जाएगा लेकिन क्या वजह है, क्या कारण है कि अपराधी यहीं पर हैं। जो बात सदन में कही गई हो उसके बाद भी सरकार एक बेटी की जान नहीं बचा पाई। बीजेपी सरकार में ना बेटियां सुरक्षित हैं, न सड़क पर बेटियों का सम्मान है। क्या यही भारतीय जनता पार्टी का नारा था?

गौरतलब है कि उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र के तहत आने वाले एक गांव की युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। युवती इसी मामले की पैरवी के लिए गुरुवार को रायबरेली जा रही थी। गुरुवार तड़के करीब चार बजे पीड़िता रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बैसवारा स्टेशन के लिए निकली थी, तभी गांव के बाहर खेत में दोनों आरोपी व उनके तीन साथियों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद उपचार के दौरान सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई।

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