SBI ने सेविंग अकाउंट की ब्याज दर में किए बदलाव, ग्राहकों पर होगा ये असर

भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 1 अक्टूबर से बैंक नियमों में कई सारे बदलाव किए हैं। जिसका सीधा असर बैंक के बत्तीस करोड़ खाताधारकों पर पड़ेगा। ये सारे बदलाव आपके काम के है इन बदलाव सेविंग अकाउंट में जमा धनराशि पर मिलने वाले ब्याज में बदलाव किए हैं। साथ ही लोन प्रोसेंसिग फीस के नियम भी बदले गए हैं।

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नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 1 अक्टूबर से बैंक नियमों में कई सारे बदलाव किए हैं। जिसका सीधा असर बैंक के बत्तीस करोड़ खाताधारकों पर पड़ेगा। ये सारे बदलाव आपके काम के है इन बदलाव सेविंग अकाउंट में जमा धनराशि पर मिलने वाले ब्याज में बदलाव किए हैं। साथ ही लोन प्रोसेंसिग फीस के नियम भी बदले गए हैं।

सेविंग अकाउंट पर ये होगा असर

एसबीआई की ओर से जार नए नियमों के तहत सेविंग अकाउंट में जमा धनराशि पवर कैंची चलाई गई है। दरअसल, बैंक ने सेविंग अकाउंट की ब्याज दर में 25 बेसिक प्वाइंट की कटौती की है।जिसके बाद अब 1 लाख रुपए की जमा धनराशि पर 3.25 फीसदी ब्याज मिलेगा। बैंक ने ब्याज दर में है। बता दे कि इससे पहले 1 लाख रुपए की जमा राशि पर 3.50 फीसदी ब्याज दिया जाता था। नई ब्याज दर को 1 नवंबर 2019 से लागू किया जाएगा।

रिटेल और ब्लक एफडी के ब्याज दर में भी कटौती

एसबीआई द्वारा सेविंग अकाउंट में जमा धनराशि के अलावा रिटेल और ब्लक एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर को भी घटा दिया है। नए नियम के मुताबिक 1 साल से दो साल तक की मैच्योरिटी वाली रिटेल और ब्लक एफडी पर मिलने वाले ब्याज दरों का कम किया गया है। जिसे तहत अब रिटेल एफडी की ब्याज दर में 0.10 फीसदी की कटौती करते हुए 6.50 फीसदी से घटकर 6.40 फीसदी कर दिया है। आपको बता दें कि 2 करोड़ से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट रिटेल एफडी की श्रेणी में आती है।

साथ ही एसबीआई ने ब्लक एफडी की ब्याज दर पर भी कैंची चलाई है। बैंक ने ब्लक एफडी की ब्याज दर पर 0.30 फीसदी की कटौती की ये दर 6.30 फीसदी से घटाकर 6.00 फीसदी कर दिया है। बता दें कि 2 करोड़ या उससे अधिक की जमा राशि ब्लक एफडी के अंतर्गत आती है। नई ब्याज दर 10 अक्तूबर से प्रभावी हो गईं हैं।

लोन के लिए प्रोसेसिंग फीस में बदलाव

एसबीआई ने बैंक से लोन लेने वालों को भी झटका देते हुए प्रोसेसिंब फीस में बदलाव करते हुए फ्री लोन प्रोसेसिंग की सुविधा खत्म कर दी है। जिसके बाद अब बैंक लोन, टॉपअप करवाने पर भी आपको प्रोसेसिंग फीस देने पड़ेगी। गौर हो, बैंक द्वारा त्योहारी सीजन में खरीदारी को लकर लिए प्रोत्साहित करने के लिए फ्री लोन प्रोसेसिंग स्कीम लागू की थी। बैंक ने एक आंतरिक सर्कुलर जारी कर कहा है कि फेस्टिव सीजन में प्रोसेसिंग फीस को माफ करने का ऑफर 16 अक्टूबर से खत्म हो जाएगा।

नकद जमा करने के नियम में बदलाव

इन सब नियमों के अलावा एसबीआई ने नगद जमा करने के नियमों में भी बदलाव किए है। जिसके तहत अब खाताधार महीने में सिर्फ तीन बार ही बिना किसी शुल्क के नगद जमा कर सकते हैं। इस बाद जमा करने पर ग्राहगों को प्रति ट्रांजेक्शन 50 रुपए प्लस जीएसटी शुल्क देना होगा।

इसके साथ ही एसबीआई ने खाते से कैश निकाल ने की सीमा भी तय की है। जिसके तहत आप अपने खाते से महीने में सिर्फ दो बार ही बिना किस शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। वहीं एटीएम से पैसे निकालने की बात की जाए तो आप महीने में पांच बार बिना किसी शुल्क के कैश निकाल सकते हैं।

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