धर्मराशिफल / ज्योतिष शास्त्र

5 जून से 5 जुलाई में आएंगे तीन ग्रहण, ज्योतिषियों की राय रहें सावधान

ब्रम्हांड में सुर्य के चारों और पृथ्वी के साथ अन्य कई ग्रह उपग्रह चक्कर लगाते रहते हैं। साल में कई बार ऐसा भी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों एक ही लाइन में आ जाते हैं। इस घटना को ग्रहण कहा जाता है। ज्योतिष और खगोलशास्त्र के नजरिए से इस साल जून और जुलाई बहुत ही खास रहने वाला है। 5 जून से 5 जुलाई के बीच तीन ग्रहण लग ने वाले हैं। जिसमें दो चंद्रग्रहण होगा और एक सूर्य ग्रहण होंगे।

एक साथ तीन ग्रहण चिंता का विषय 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 5 जून को चंद्रग्रहण फिर 21 जून को सूर्यग्रहण लगेगा। इसके बाद 5 जुलाई को फिर चंद्रग्रहण होगा। चंद्रग्रहण 5 जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन होगा जबकि 21 जून को सूर्य ग्रहण आषाढ़ माह की अमावस्या पर होगा और 5 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा। ज्योतिषियों के अनुसार जब कभी एक महीने में तीन से ज्यादा ग्रहण आ जाये तो यह चिंता की बात होती है।

भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा असर 

5 जून को लगने वाला ग्रहण रात 11 बजकर 15 मिनट पर शुरु होगा जबकि यह समाप्ति 6 जून सुबह 2 बजकर 34 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों के अनुसार चंद्र ग्रहण जिसमे शुक्र वक्री और अस्त रहेगा गुरु शनि वक्री रहेंगे तो तीन ग्रह वक्री रहेंगे, जिसके कारण जिसके प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा। शेयर बाजार से जुड़े हुए लोग सावधान रहें। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बहोत बुरा प्रभाव डालेगा। किसी ख्यातिप्राप्त व्यक्ति की रहस्यात्मक मौत का भी संदेह है।

बाकी दो ग्रहण भी मचाएंगे तबाही 

वहीं 21 जून 2020 को आने वाला सूर्य ग्रहण के दौरान एक साथ छ ग्रह वक्री रहेंगे। बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु यह छह ग्रह 21 जून 2020 को वक्री रहेंगे। इन छह ग्रह का वक्री होना यानी एक बहोत बड़ा तहलका मचाने वाला है। इसके बाद 5 जुलाई 2020 को लगने वाला चंद्रग्रहण भी एक बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाला होगा। इस दौरान मंगल और सूर्य का का राशि परिवर्तन होगा। इसके अलावा गुरु धनु राशि मे वापस जाएंगे लेकिन वक्री रहेंगे और शुक्र मार्गी रहेंगे जिससे प्राकृतिक आपदाएं आयेगी। विश्व युद्ध की भी आशंका है। वैश्विक शक्तियां लड़ने को हावी होगी। इस दौरान जल प्रलय का खतरा भी हम सभी पे मंडरा सकता है।