इंदौर(आबिद कामदार): देश का दिल कहे जाने वाला मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक, अत्याधुनिक, कृषि और अन्य चीजों के लिए जाना जाता है। वहींं मध्य प्रदेश के जिलों की अगर बात करें तो हर जिला अपनी कलाकृति, प्राक्रतिक संपदा, कृषि और अन्य चीजों के लिए मशहूर है। यहां हर कदम पर बोलियां, हवा पानी बदल जाता है । ऐसे ही मध्य प्रदेश की संपदा को दिखाता प्रदेश का नक्शा प्रवासी भारतीय सम्मेलन में किया गया है।

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भोपाल की जरी जरदोसी से लेकर इंदौर के आलू

प्रवासियों को प्रदेश के हर जिले की प्राकृतिक, कृषि, कलाकृतिक संपदा से रूबरू कराने के मकसद से प्रदेश का नक्शा सम्मेलन में लगाया गया है, जिसमें हर जिले की अपनी पहचान और वस्तुओं को प्रर्दशित किया गया है। जिसमे भोपाल की जरी जरदोसी, धार की बाघ प्रिंट, महेश्वरी साड़ी, उज्जैन की बतिक प्रिंट और अन्य साड़ी की कलाकृतियां दिखाई गई है। इसी के साथ कृषि में इंदौर का आलू, राजगढ़ और छिंदवाड़ा का ऑरेंज, उज्जैन और खंडवा का प्याज, शिवपुरी का टमाटर, देवास और हरदा की बांस के साथ अन्य चीजों को प्रदर्शित किया गया है।