मानसून में स्कूलों में सांप दिखे तो क्या करें? शिक्षा विभाग ने जारी किए जरूरी निर्देश

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By EditorPublished On: September 10, 2026

चंडीगढ़
अक्सर बरसात के दौरान सांप निकलने की समस्या देखी जाती है। जब सांप स्कूलों में दिखें तो बच्चों से लेकर शिक्षकों तक में एक अलग ही तरह का डर का माहौल होता है।

ऐसे में हरियाणा के विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए सर्पदंश और परिसरों में सांपों के प्रवेश की रोकथाम को लेकर एक विस्तृत परामर्श जारी किया है।

मानसून और वर्षा ऋतु के बाद स्कूलों में बढ़ने वाले इस खतरे को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

स्वच्छता, रखरखाव और चेकिंग पर विशेष जोर
निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी विद्यालयों को अपने परिसरों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

    झाड़ियों की कटाई: कक्षाओं, शौचालयों, रसोई, स्टोर और खेल के मैदानों के आसपास उगी घास और झाड़ियों को तुरंत काटने के निर्देश दिए गए हैं।
    कूड़ा और निर्माण सामग्री हटाना: ईंट, पत्थर, पुरानी लकड़ी, अनुपयोगी फर्नीचर और टायरों के ढेर हटाने को कहा गया है, जिससे साँपों के छिपने की जगह न बचे।
    दरारों और रास्तों की मरम्मत: दरवाजों के नीचे के गैप, फर्श व दीवारों की दरारों और नालियों को जाली या ग्रिल से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
    कमरों की जांच और रोशनी: लंबे समय से बंद कमरों, स्टोर रूम और शौचालयों को खोलने से पहले उनकी अच्छे से जांच करने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त रोशनी रखने की बात कही गई है।

जहरीले रसायनों और झाड़-फूंक पर पूर्ण प्रतिबंध
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सांपों को भगाने के नाम पर किसी भी प्रकार के जहरीले रसायन, कीटनाशक, मिट्टी के तेल, तेजाब या नैफ्थलीन (फिनाइल) की गोलियों का प्रयोग न किया जाए, जिससे बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है।

साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अप्रमाणित देसी उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित को तुरंत निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। घाव पर चीरा लगाने, रस्सी कसकर बाँधने या विष चूसने जैसे खतरनाक कदमों से बचने की सलाह दी गई है।

स्कूल में सांप दिखने पर क्या करें?
    घबराएँ नहीं और बच्चों को दूर रखें: साँप दिखने पर विद्यार्थियों को शांतिपूर्वक उस स्थान से दूर ले जाएँ और भीड़ या फोटो/वीडियो बनाने से रोकें।
    छेड़ने या मारने की कोशिश न करें: साँप को खुद पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें।
     विशेषज्ञों की मदद लें: आवश्यकता पड़ने पर केवल वन विभाग या अधिकृत सर्प-राहतकर्ता से ही संपर्क किया जाए।

स्कूल स्तर पर तैयार रखनी होगी चेकलिस्ट और रिपोर्ट प्रपत्र
निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने पास निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, एम्बुलेंस और वन विभाग के आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करके रखें। इसके अलावा, परिसरों के नियमित निरीक्षण के लिए 20 बिंदुओं की एक सर्प-सुरक्षा निरीक्षण सूची और किसी भी घटना के रिकॉर्ड के लिए घटना प्रतिवेदन प्रपत्र भी संलग्न किया गया है

सभी जिला एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस परामर्श का पालन अपने-अपने जिलों के सभी स्कूलों में सुनिश्चित कराएं।