25 लाख बच्चियों का टीकाकरण पूरा, अब घर-घर पहुंचेगी HPV वैक्सीन; सर्वाइकल कैंसर से बचाव की तैयारी

Author Picture
By EditorPublished On: September 29, 2026

लखनऊ
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अब पात्र बेटियों तक एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन पहुंचाने के लिए घर-घर अभियान चलाया जाएगा।

प्रदेश में 25 लाख से अधिक बच्चियों को यह टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रहे टीकाकरण से वंचित 14 साल की आयु पूरी कर चुकीं, लेकिन 15 साल से कम उम्र की बालिकाओं को घर जाकर वैक्सीन लगाने की तैयारी है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है।

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत बालिकाओं को उनके माता-पिता की सहमति से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निश्शुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है।

इसके लिए निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाएं पात्र हैं। सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों और जिला अस्पतालों में चिकित्सकों की निगरानी में टीकाकरण जारी है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश के लिए निर्धारित 25 लाख बच्चियों के टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। अब घर-घर अभियान के जरिये छूटी हुई पात्र बालिकाओं तक पहुंचने की तैयारी है।

निजी अस्पतालों में एचपीवी वैक्सीन की कीमत अधिक होने के कारण कई परिवार इसका लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ घर-घर निश्शुल्क टीकाकरण के जरिये इन परिवारों की बेटियों तक भी वैक्सीन पहुंचाने की योजना है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में 25 लाख बच्चियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया था, जिसे पूरा कर लिया गया है। अब किसी कारण से टीकाकरण से छूटी पात्र बालिकाओं को वैक्सीन लगाने के लिए टीमें घर-घर जाएंगी।

एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरावस्था में समय पर एचपीवी टीकाकरण से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसी के तहत टीकाकरण के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

भारत में हर साल करीब 1.28 लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के नए मामले सामने आते हैं। यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल करीब 80 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत होती है। नए मामलों और मौतों के औसत के आधार पर करीब हर सात मिनट में एक महिला की जान जाती है।