यूपी बनेगा फार्मा हब, योगी सरकार ने 17 कंपनियों को LOC देकर खोल दिए निवेश के दरवाजे

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By Raj RathorePublished On: April 26, 2026
CM Yogi Pharma News

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 17 फार्मा कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) सौंपे। इस मौके पर उन्होंने इसे राज्य के लिए एक अहम उपलब्धि बताते हुए निवेशकों को भरोसा दिलाया कि यूपी अब सुरक्षित, स्थिर और तेज फैसलों वाला प्रदेश बन चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को अब भरोसे और समय पर काम पूरा होने की गारंटी मिलती है, जो उद्योगों के लिए सबसे जरूरी है।

स्वास्थ्य और उद्योग दोनों को मजबूती

सीएम योगी ने कहा कि इन निवेशों का असर सिर्फ फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता के जीवन स्तर पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। करीब 2000 करोड़ रुपये का निवेश रिसर्च और डेवलपमेंट को नई दिशा देगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से 10 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को और बल मिलेगा।

मोदी नेतृत्व में भारत की बढ़ती ताकत

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश आज वैश्विक स्तर पर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। भारत करीब 200 देशों को दवाएं उपलब्ध करा रहा है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इसी विजन के चलते राज्यों में भी औद्योगिक माहौल तेजी से बेहतर हुआ है।

यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का “ग्रोथ इंजन” बनकर उभरा है। पिछले 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों और मजबूत इरादों के चलते राज्य ने बीमारू छवि से बाहर निकलकर नई पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का जीएसडीपी बढ़कर करीब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो विकास की रफ्तार को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को यह भी बताया कि यूपी देश का सबसे बड़ा बाजार है और यहां उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल मौजूद है। राज्य में पर्याप्त लैंडबैंक है और हर सेक्टर के लिए कुशल वर्कफोर्स उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 56 फीसदी आबादी युवा है, जिन्हें स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर तैयार किया गया है। यही वजह है कि यूपी में इस समय 21 हजार से ज्यादा स्टार्टअप सक्रिय हैं।

कानून व्यवस्था और पॉलिसी से बदली तस्वीर

सीएम योगी ने कहा कि विकास की सबसे बड़ी शर्त मजबूत कानून व्यवस्था होती है, और 2017 के बाद यूपी ने इसमें बड़ा सुधार किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ चुका है। 34 से ज्यादा सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं और निवेश मित्र, निवेश सारथी जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को बेहतर सुविधा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक राज्य को करीब 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट जमीन पर उतर चुके हैं, जबकि 7 से 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश जल्द ही लागू होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 में जहां यूपी में 40 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 83 हो गई है और हर मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज भी जोड़ा गया है।

इन कंपनियों को मिला निवेश का मौका

LOC पाने वाली कंपनियों में बायोजेंटा लाइफसाइंस, रोमन्स मेडवर्ल्ड, हाईग्लांस लेबोरेट्रीज, कोटेक हेल्थकेयर, जेबी रेमेडीज, पॉजिट्रॉन बायोजेनिक्स, आईवी टेक हेल्थकेयर, जेबीजेएम पैरेंट्रल्स, रास्पा फार्मा, एनबीएस ग्रुप, वेलनेस जेडक्योर, कैमले इंडस्ट्रीज, रेडिकॉन लैबोरेट्रीज, संजीवनी मेडिटेक, सेफकॉन लाइफसाइंसेज, आरएपी मेड सर्जिकल और वोडा केमिकल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इन कंपनियों का निवेश राज्य के अलग-अलग जिलों में होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।