उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में जल्द ही 21,508 पदों पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इसमें 11,508 नए शिक्षक और 10,000 अनुदेशक शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि इस भर्ती से स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में आयोजित 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह और बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा आयोग का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
11,508 शिक्षकों का अधियाचन भेजा गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि 11,508 नए शिक्षकों की भर्ती के लिए अधियाचन भेजा जा चुका है। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10 हजार नए अनुदेशकों की नियुक्ति भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना प्राथमिकता में शामिल है।
मानदेय बढ़ाकर 17 हजार किया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के चेक भी वितरित किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011-12 में अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति 7 हजार रुपये मासिक मानदेय पर शुरू हुई थी।
वर्ष 2022 तक मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। बाद में 2 हजार रुपये की वृद्धि की गई, लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं थी। अब अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
इसके साथ ही अनुदेशकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर देने की घोषणा भी की गई है।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी
मुख्यमंत्री ने सभी अनुदेशकों से बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर जल्द पंजीकरण कराने की अपील की, ताकि अगले सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यक्रम में उन्हें स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों, 24,296 अनुदेशकों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
स्कूलों में बढ़ी सुविधाएं, ड्रॉपआउट दर घटी
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक विद्यालयों की स्थिति बेहद खराब थी। कई जगह छात्र संख्या कम होने पर अनुदेशकों की सेवाएं समाप्त करने तक के प्रस्ताव आए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें खारिज करते हुए ‘स्कूल चलो अभियान’ और ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ शुरू किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक अब प्रदेश के 96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं ड्रॉपआउट दर 17-18 प्रतिशत से घटकर करीब 3 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस दर को शून्य तक लाने के लिए काम कर रही है।
शिक्षकों को सम्मान देने की बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है और उसकी प्रतिभा को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों में अनुशासन, स्वच्छता और संस्कार विकसित करने वाले शिक्षकों को दंडित नहीं, बल्कि सम्मानित किया जाना चाहिए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे दो देशों के बीच तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, उसी तरह यदि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाता है तो उसका असर पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जरूरी है।











