उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को मजदूरों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान गाड़ियों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, साथ ही पत्थरबाज़ी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर श्रम विभाग ने मामले की जांच और समाधान के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन कर दिया है।
विवाद सुलझाने के लिए कमेटी गठित
श्रमिकों और उद्योगों के बीच तालमेल बेहतर करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस कमेटी की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के ACS, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन समेत अन्य अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही श्रमिक संगठनों के 5 और उद्योग संगठनों के 3 प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया है।
सीएम योगी ने दिया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार सुरक्षा, सुशासन और औद्योगिक विकास का मॉडल तैयार कर रही है, लेकिन कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रही है, खासकर कोरोना काल में उन्हें घर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया गया था।
जानकारी के अनुसार, गठित हाई लेवल कमेटी जल्द ही सभी पक्षों से बातचीत कर विवाद सुलझाने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और देर रात इसकी समीक्षा भी करेंगे।











