उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बहराइच पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विकास कार्यों के साथ-साथ विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में बहराइच एक महत्वपूर्ण जनपद है और उनकी सरकार ने जिले की पहचान बदलने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 से पहले बहराइच केवल एक आकांक्षी जिला बनकर रह गया था और यहां भू-माफिया समेत विभिन्न माफियाओं का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने महाराजा सुहेलदेव के गौरव को सम्मान नहीं दिया।
‘आक्रांताओं के नाम पर मेला नहीं लगने देंगे’
सीएम योगी ने कहा कि पहले देश को लूटने वाले गाजी के नाम पर मेला आयोजित किया जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने किसी भी आक्रांता के नाम पर मेला आयोजित नहीं होने दिया और आगे भी इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर महाराजा सुहेलदेव ने गाजी को पराजित किया था, वहां उनकी स्मृति में भव्य स्मारक बनाया गया है। साथ ही बहराइच में सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज और बालार्क ऋषि के नाम पर अस्पताल संचालित किया जा रहा है।
परियोजनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाराबंकी से बहराइच तक फोर लेन सड़क परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश कृषि के क्षेत्र में देश में दूसरे और शिक्षा के क्षेत्र में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा भरतपुरा में विस्थापित दलित और वंचित समाज के 500 परिवारों के लिए कॉलोनी विकसित की गई है।
2017 से पहले की सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति पूरी तरह अलग थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे तथा सड़क, बिजली और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब थी।
उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान उपद्रव होते थे और विकास के लिए आने वाला धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था और विकास दोनों क्षेत्रों में व्यापक बदलाव किए हैं।









