प्रयागराज: संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) प्रयागराज में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार, संगठित अवैध वसूली और ओवरलोडिंग के मामलों ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अमित कुमार पाण्डेय ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर परिवहन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ओवरलोड वाहनों का संचालन और जमुना ब्रिज पर खतरा
शिकायत पत्र में मुख्य रूप से यह उठाया गया है कि प्रयागराज में परिवहन विभाग के अधिकारियों और दलालों के एक संगठित गिरोह द्वारा भारी संख्या में ओवरलोड वाहनों का संचालन कराया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लगभग 2500 ओवरलोड गाड़ियों की सूची वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि टोल प्लाजा और नैनी ब्रिज के कैमरों से सत्यापन करने पर सितंबर और अक्टूबर माह के दौरान इनमें से एक भी गाड़ी का चालान या जब्ती की कार्रवाई नहीं की गई है।
नैनी पुल (जमुना ब्रिज) को गंभीर खतरा, विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा असर
70 टन तक के ओवरलोड वाहनों के बेरोकटोक गुजरने से ऐतिहासिक जमुना ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के कगार पर पहुंच गया है। इससे यमुनापार इलाके के लोगों का आवागमन बाधित होने की आशंका है, जिसका गंभीर असर आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है।
अधिकारियों पर संलिप्तता और अवैध वसूली के गंभीर आरोप
भाजपा नेता ने पत्र में नामजद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं:
ARTO आनंद प्रताप सिंह: इनका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है जिसमें कथित तौर पर एंट्री की अवैध वसूली और ट्रांसफर-पोस्टिंग में करोड़ों रुपयों की बात स्वीकार की जा रही है। इसके अलावा पूर्व में मुख्यालय पर तैनाती के दौरान मारपीट के मामले में एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने का भी जिक्र है।
ARTO विवेक शुक्ला: भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर इनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं तथा यह आरोप लगाया गया है कि कानपुर के आरटीओ राकेन्द्र सिंह के माध्यम से सेटिंग कराकर इनकी तैनाती प्रयागराज में कराई गई है, जहां आते ही इन्होंने ट्रकों की एंट्री का शुल्क दोगुना (10,500 रुपये प्रति ट्रक प्रतिमाह) कर दिया है।
PTO मिथिलेश सिंह: इन पर आरोप है कि इनके द्वारा ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई करने के बजाय केवल छोटी गाड़ियों (सब्जी की पिकअप आदि) को पकड़कर जुर्माना वसूला जा रहा है, जबकि प्रतिदिन करोड़ों रुपये की अवैध वसूली का खेल चल रहा है।
जोनल स्तर पर संलिप्तता: पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कानपुर जोनल स्तर पर भी अवैध वसूली का हिस्सा पहुंचाया जाता है, जिसके तहत प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर से प्रतिमाह बड़ी रकम वसूली जाती है।
मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को पलीता
शिकायतकर्ता का कहना है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति प्रभावित हो रही है। हाल ही में ओवरलोडिंग की शिकायत पर कुछ सिपाहियों को निलंबित किया गया, जबकि विभागीय स्तर पर असली संरक्षण प्राप्त अधिकारी अपनी धनबल की सेटिंग से बच निकलते हैं।
प्रमुख मांगें
पत्र के माध्यम से यह मांग की गई है कि:
संलिप्त सभी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज की जाए।
इन्हें तत्काल मुख्यालय से संबद्ध किया जाए।
इनकी अकूत संपत्ति की जांच विजिलेंस (Vigilance) और एंटी करप्शन विभाग से कराई जाए ताकि नैनी पुल और सरकार की छवि को बचाया जा सके।
इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, परिवहन आयुक्त, मंडलायुक्त प्रयागराज और जिलाधिकारी प्रयागराज सहित कई उच्चाधिकारियों को प्रतिलिपि प्रेषित कर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है.
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