मुंबई CJP प्रदर्शन में 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत से बवाल, अभिजीत दीपके पर हत्या का केस दर्ज होने की चर्चा

Author Picture
By EditorPublished On: October 5, 2026

मुंबई

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर हत्या का मुकदमा चल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिजीत दीपके की रैली में एक बुजुर्ग की मौत के बाद लोग CJP फाउंडर पर बुरी तरह भड़के हुए हैं और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग कर दी है। दरअसल 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में दीपके द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में 75 वर्षीय बुजुर्ग एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यह प्रदर्शन देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाया गया था।

मृतक बुजुर्ग व्यक्ति की पहचान ठाणे के गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई के रूप में हुई है। शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें अचानक सीने में दर्द होने लगी। उन्होंने बताया, "पिल्लई शाम करीब साढ़े चार बजे CJP द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शिवाजी पार्क पहुंचे थे। शाम पांच बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।" चिकित्सकों ने बताया कि उपचार के दौरान पिल्लई की मौत हो गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक CJP का विरोध प्रदर्शन करीब चार बजे शुरू हुआ था और उस समय तेज धूप थी। पुलिस की अनुमति नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे और इस प्रतिष्ठित मैदान के आसपास का इलाका हजारों लोगों से भर गया। इस दौरान अराजकता फैल गई और बाद में बाद में बुजुर्ग की मौत हो गई।

मर्डर केस दर्ज करने की मांग
बुजुर्ग की मौत के बाद 'शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम' ने अभिजीत दीपके के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। फोरम ने अधिकारियों से अपील की है कि इस दुखद घटना के लिए सीधे तौर पर अभिजीत दीपके को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। वहीं स्थानीय वकील और शिवाजी पार्क की निवासी सिद्धि देवलेकर की शिकायत पर पुलिस ने कानूनी शिकंजा भी कसा है। सिद्धि देवलेकर ने CJP नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बॉम्बे हाईकोर्ट और महाराष्ट्र सरकार के स्पष्ट आदेशों के तहत शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति खारिज कर दी गई थी। इसके बावजूद CJP नेताओं ने कानून को दरकिनार कर भारी भीड़ जुटाई। उन्होंने एक बयान में कहा, “यह कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था। यह राजनीतिक विरोध के नाम पर कानून और अदालत के आदेशों की धज्जियां उड़ाने की कोशिश थी।” शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP के आयोजकों और 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 189 और 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) व 135 के तहत FIR दर्ज की है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का आंदोलन
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कई आपत्तियों को दरकिनार कर फैसले लिए थे। इसके बाद देश के प्रमुख विपक्षी दलों सहित CJP ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। CJP ने मुंबई के बाद दिल्ली में प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।