मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती के परिवार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। टीकमगढ़ में उनकी बहू और जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता-राहुल लोधी को सोशल मीडिया पर बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामला केवल ऑनलाइन धमकी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ही घंटों में दो नकाबपोश युवक उनके बंगले तक पहुंच गए और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दोहराई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है।
फेसबुक कमेंट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, 21 फरवरी को उमिता-राहुल लोधी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी। अगले दिन 22 फरवरी की देर रात ‘जीडब्ल्यू बृजेंद्र कुशवाहा’ नाम की एक फेसबुक आईडी से उस पोस्ट पर आपत्तिजनक और धमकी भरा कमेंट किया गया। कमेंट में उन्हें और उनके पति, पूर्व मंत्री राहुल लोधी को जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। संभावित खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत उस कमेंट का स्क्रीनशॉट सुरक्षित कर लिया, ताकि साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
देर रात बंगले पर पहुंचे नकाबपोश युवक
इसी रात लगभग 11 बजे, जब जिला पंचायत अध्यक्ष अपने देहात थाना क्षेत्र स्थित सरकारी बंगले पर मौजूद थीं, तभी दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे। दोनों ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। आरोप है कि जैसे ही उमिता-राहुल लोधी ने उन्हें देखा, वे आक्रामक हो गए और गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। घटना अचानक हुई, जिससे वहां मौजूद लोग घबरा गए।
शोर सुनकर जब तक अमर सिंह नामक व्यक्ति मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों युवक वहां से फरार हो चुके थे। चेहरा ढका होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी। इसके तुरंत बाद पूरी घटना की जानकारी उनके पति राहुल सिंह लोधी को दी गई।
पुलिस ने दर्ज की FIR, CCTV और साइबर जांच शुरू
23 फरवरी को देहात थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों का कहना है कि बंगले और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
इसके साथ ही साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है। जिस फेसबुक आईडी से धमकी भरा कमेंट किया गया, उसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अकाउंट असली है या फर्जी, और उसे किस स्थान से संचालित किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम ने जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम धमकी दी गई, तो दूसरी ओर कुछ ही घंटों में संदिग्ध लोग आवास तक पहुंच गए। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।









