योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा पानी
6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता
नलकूपों के आधुनिकीकरण से किसानों को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाई सिंचाई सुविधाएं
3.15 लाख कृषक परिवारों को मिला लाभ, योगी सरकार का किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
पुराने नलकूपों का कायाकल्प, नए निर्माण से बढ़ी यूपी की सिंचाई क्षमता
लखनऊ,
किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल सिंचाई संसाधनों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध व्यवस्था को आधुनिक, सुचारु और अधिक उपयोगी बनाना भी है। इसी क्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत और जोखिम कम करने में भी मदद मिल रही है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई, जबकि 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। यानी नलकूपों के आधुनिकीकरण का असर केवल सरकारी परिसंपत्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा फायदा खेत और किसान तक पहुंचा है। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ।
5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
योगी सरकार ने आने वाले समय के लिए भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।









