वंदे भारत से भी तेज रफ्तार! दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन से बदलेगा बिहार-UP का सफर

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By EditorPublished On: September 2, 2026

पटना / नई दिल्ली

देश के कई हिस्‍सों में हाई-स्‍पीड यानी बुलेट ट्रेन का जाल बिछाने का काम पूरे जोरशोर से चल रहा है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच देश में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी अपने चरम पर है. साल 2027 में इस रूट के कुछ हिस्‍सों पर हाई-स्‍पीड ट्रेन ऑपरेट करने का प्रयास है. भारत सरकार ने बिहार और उत्‍तर प्रदेश में भी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है. अब दिवाली-छठ से पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने इसपर बड़ा अपडेट दिया है. उन्‍होंने बताया कि दिल्‍ली से कानपुर, लखनऊ और पटना के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. बता दें कि दिल्‍ली से पटना का रेल रूट सबसे व्‍यस्‍ततम रेल मार्गों में से एक है, ऐसे में इस सेक्‍शन में बुलेट ट्रेन चलने से हजारों-लाखों लोगों को काफी राहत मिलेगी. रेल मंत्री ने बताया कि हाई-स्‍पीड ट्रेन से दिल्‍ली से पटना महज 4.5 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. फिलहाल यह सफर 12 घंटों का है. इस तरह जो काम राजधानी, वंदे भारत और दुरंतो जैसी प्रीमियम सुपरफास्‍ट ट्रेनें नहीं कर सकीं वो बुलेट ट्रेन से संभव हो सकेगा. साथ ही बिहार-यूपी वालों का सपना भी पूरा होगा। 

बिहार-यूपी वालों का सपना साकार करने की दिशा में मोदी सरकार लगातार काम कर रही है. आने वाले कुछ सालों में दिल्‍ली से कानपुर, लखनऊ और पटना के बीच बुलेट ट्रेन के दौड़ने का सपना साकार होने वाला है. देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा संकेत दिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना को उत्तर प्रदेश और बिहार तक ले जाने की योजना पर काम चल रहा है. इस हाई-स्‍पीड रेल कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से लखनऊ का सफर करीब दो घंटे और राष्ट्रीय राजधानी से पटना की यात्रा महज साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी. दिल्‍ली से पटना की दूरी 1000 किलोमीटर है. इस तरह बुलेट ट्रेन की संभावित रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहने की संभावना है. प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली को उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। 

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कौन से बड़े शहर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे. इससे दिल्ली और इन शहरों के बीच मौजूदा रेल यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है. वैष्णव के मुताबिक, प्रस्तावित परियोजना के तहत दिल्ली से आगरा की करीब 200 किलोमीटर दूरी केवल 58 मिनट में तय की जा सकेगी. वहीं 455 किलोमीटर दूर कानपुर पहुंचने में करीब 1 घंटे 50 मिनट लगेंगे. दिल्ली से लखनऊ की करीब 495 किलोमीटर दूरी 2 घंटे 12 मिनट में पूरी होने का अनुमान है. इसी तरह 750 किलोमीटर दूर प्रयागराज तक पहुंचने में लगभग तीन घंटे और 945 किलोमीटर दूर वाराणसी तक करीब 3 घंटे 33 मिनट लग सकते हैं. दिल्ली से पटना की करीब 1,170 किलोमीटर की दूरी लगभग 4.5 घंटे में पूरी करने का लक्ष्य होगा। 

हाई-स्‍पीड रेल नेटवर्क का बढ़ता दायरा
बुलेट ट्रेन का दायरा लगातार बढ़ रहा है. रेल मंत्री ने कहा कि परियोजना के साकार होने पर यह मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के बाद देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का अगला बड़ा चरण होगा. साथ ही यह राष्ट्रीय राजधानी को उत्तर प्रदेश और बिहार के कई प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला पहला व्यापक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बन सकता है. इससे दिल्ली-उत्तर प्रदेश-बिहार बेल्ट में रहने वाले लाखों यात्रियों को तेज और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है. आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और पटना जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्रों तक तेज कनेक्टिविटी से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है. इसके अलावा कारोबार, निवेश और रीजनल इकोनोमिक एक्टिविटीज में भी तेजी आने की उम्मीद है। 

180 किलोमीटर वाली सेमी हाई-स्‍पीड ट्रेन
फिलहाल भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम डिजाइन स्पीड वाली सेमी हाई स्पीड सर्विसेज ऑपरेट हो रही हैं. इसके मुकाबले मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना की डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे और परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित है. इस परियोजना के तहत मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर करीब 1 घंटे 58 मिनट होने की उम्मीद है. देश की पहली हाई स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की संभावना है और शुरुआती चरण में सूरत-वापी सेक्शन खोले जाने की योजना है।