‘लोहिया के आदर्शों से सपा का कोई लेना-देना नहीं’, अनिल राजभर ने अखिलेश को घेरा

Author Picture
By EditorPublished On: October 12, 2026

'परिवारवाद और अपराधियों को संरक्षण देना सपा का एजेंडा', कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह का आरोप

'फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से परेशान है विपक्ष', धर्मपाल सिंह का तीखा वार

‘चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अभी से 2027 की हार का बहाना बनाने में जुट गए हैं अखिलेश’, दिनेश प्रताप सिंह का हमला

'साढ़े चार साल सोते हैं, चुनाव आते ही जाति-धर्म की राजनीति करते हैं अखिलेश': बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह

लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और धर्मपाल सिंह के साथ बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। तीनों ने सपा के परिवारवाद, PDA, महिला सुरक्षा और चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाए।

'लोहिया के समाजवाद से अखिलेश का कोई लेना-देना नहीं'
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे और उन्होंने सनातन परंपरा के सम्मान की बात की थी। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अब लोहिया के सिद्धांतों से दूर हो चुकी है। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव की राजनीति का लोहिया के समाजवाद से कोई संबंध नहीं रह गया है।

राजभर ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के सवालों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा है, इसलिए वह पहले से ही हार के बहाने तैयार कर रही है।

'फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से परेशान है विपक्ष'
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर कहा कि विपक्ष के पास विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उनके मुताबिक, जनता के बीच स्वीकार्यता घटने के कारण विपक्ष एसआईआर को मुद्दा बना रहा है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि फर्जी नाम हटने से विपक्ष परेशान है और इसी वजह से चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

'जहां दिखा सपाई, वहां बिटिया घबराई'
धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं  के सुरक्षा की क्या स्थिति थी ये पूरा प्रदेश जानता है। उन्होंने कहा कि सपाई को देखकर ही बेटियां सहम जाती थीं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज भाजपा सरकार में महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है।

'चुनाव जीतने पर आयोग ठीक, हारने पर सवाल'
भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने की मांग और विपक्ष के प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए को हराने के लिए विपक्ष कई तरीके आजमा चुका है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय सत्ता हासिल करने के लिए दूसरे रास्ते तलाश रहा है।

उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां चुनाव आयोग, ईवीएम और मतगणना की व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हार मिलने पर पूरी व्यवस्था पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि जनता ऐसे नैरेटिव को समझती है।

'साढ़े चार साल सोते हैं, चुनाव आते ही जाति-धर्म याद आता है'
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख चुनाव नजदीक आने पर जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय भाजपा और सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लोहिया जी के विचारों से कोई लेना-देना नहीं है। वो मुख्तार और अतीक के विचारों को फॉलो करते हैं।