कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को सलाम, इजरायल देगा नागरिक वीरता पुरस्कार

Author Picture
By EditorPublished On: October 9, 2026

नई दिल्ली/तेल अवीव

30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक होने से बचाने वाले कैप्टन स्मित मछार को इजरायल सम्मानित करेगा. इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने  इस घटना से जुड़े नायकों को सम्मानित किया. उन्होंने येरुशलम में छह इजरायली नागरिकों- ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, आसाफ राजुआन और ओर पारदिलोव को राष्ट्रपति नागरिक वीरता पदक प्रदान किया. इन लोगों ने हमलावर को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। 

हर्जोग ने उसी मौके पर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को भी यही पुरस्कार देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मछार की साहस, बहादुरी और पेशेवर रवैये ने इस बड़ी आपदा को टाल दिया. मछार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा. हर्जोग ने मछार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। 

विमान में करीब 174 यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक शामिल थे. उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक हमला हुआ. ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मछार पर क्रैश एक्स से हमला कर दिया. उनका मकसद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे दुर्घटनाग्रस्त करना था. विमान तेजी से नीचे गिरने लगा और कुछ ही सेकंड में हजारों फीट की ऊंचाई खो बैठा. यात्री घबरा गए और स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। 

कैप्टन स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हो गए. फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. घायल अवस्था में भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की और सफल रहे. इससे यात्री अंदर घुस पाए. छह इजरायली नागरिकों ने हमलावर को काबू में कर लिया. विमान में मौजूद अन्य पायलटों की मदद से स्थिति संभाली गई. विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया. यह घटना आतंकवादी हमले के प्रयास के रूप में जांच के दायरे में है. मछार की बहादुरी और पेशेवर कौशल ने सैकड़ों जानें बचा लीं। 

कैप्टन स्मित मछार फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. वे रिकवरी कर रहे हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी उनकी हालत में सुधार की पुष्टि की है. इस घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने मछार को हीरो बताया. भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों का यह एक और उदाहरण बन गया है. यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन सभी का है जिन्होंने मिलकर विमान को बचाया. मछार की बहादुरी दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. उनके स्वस्थ होने और सम्मान समारोह का इंतजार सभी कर रहे हैं।