ड्रग तस्करी समेत कई मामलों में वांटेड राजजीत सिंह गिरफ्तार, पटियाला में आत्मसमर्पण

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By EditorPublished On: September 24, 2026

पटियाला
करीब छह साल से फरार चल रहे बर्खास्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) राजजीत सिंह ने आज पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह अक्तूबर 2019 से फरार बताए जा रहे थे। राजजीत सिंह नशा तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े कई गंभीर मामलों में नामजद थे।राजजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। उनके खिलाफ नशा तस्करी के एक बड़े रैकेट में शामिल होने के आरोप थे। इसके अलावा, उन पर जबरन वसूली के भी आरोप लगे थे। 
राजजीत सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश थी। अब पंजाब के DGP गौरव यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

राजजीत सिंह को अप्रैल 2023 में सेवा से बर्खास्त किया गया था। इसके बाद से वह अंडरग्राउंड हो गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से गठित SIT की जांच में उसका नाम बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े कथित ड्रग तस्करी और वसूली नेटवर्क में सामने आया था।

इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।

निर्दोषों को फंसाने और वसूली के भी आरोप

जांच रिपोर्टों में राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करों को कथित संरक्षण देने, निर्दोष लोगों को ड्रग मामलों में फंसाने और उनसे वसूली करने जैसे आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला भी दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में इन आरोपों को जांच के दौरान सामने आए आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है।

50 से ज्यादा NDPS सैंपल फेल होने का भी मामला

मामले की जांच में उस अवधि के दौरान 50 से अधिक NDPS सैंपल फेल होने का मुद्दा भी सामने आया था, जब राजजीत सिंह तरनतारन के SSP और इंद्रजीत सिंह CIA प्रभारी के तौर पर तैनात थे। पंजाब सरकार ने SIT रिपोर्टों के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

जानिए, केस में कब-क्या हुआ

    जून 2017 में हुआ रैकेट का भंडाफोड़: विशेष कार्य बल (STF) ने राजजीत सिंह के अधीनस्थ रहे सीआईए (CIA) प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके घर से 4 किलोग्राम हेरोइन, अन्य ड्रग्स और अवैध हथियार बरामद हुए। यहीं से पुलिस-ड्रग्स तस्कर नेक्सस का खुलासा हुआ।
    नवंबर 2017 में SIT का गठन: इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग्स तस्करी के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (विशेषकर राजजीत सिंह) की संलिप्तता की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
    2018 में सीलबंद रिपोर्ट सौंपी: SIT ने मामले की गहन जांच करने के बाद अपनी 3 स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंप दीं। ये रिपोर्ट कई सालों तक सीलबंद रहीं।
    फरवरी 2018 में मामला दर्ज हुआ: 2018 में STF ने इस पूरे ड्रग्स-तस्करी, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश को लेकर FIR दर्ज की।
    मार्च-अप्रैल 2023 में रिपोर्ट्स खुलीं और बर्खास्तगी हुई: हाईकोर्ट के निर्देश पर जब बरसों पुरानी सीलबंद SIT रिपोर्ट खोली गईं, तो राजजीत सिंह और इंस्पेक्टर इंद्रजीत की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हो गई। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 17 अप्रैल 2023 को राजजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
    19-20 अप्रैल 2023 को FIR में नामजद व नया केस हुआ: राजजीत सिंह को आधिकारिक तौर पर 2018 के NDPS मामले में सह-आरोपी बनाया गया। ठीक अगले दिन 20 अप्रैल को विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और नया केस दर्ज किया।
    3 साल तक फरार रहा: गिरफ्तारी से बचने के लिए राजजीत सिंह लगातार अंडरग्राउंड रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया। आरोपी राजजीत सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन उसकी याचिकाएं खारिज हो गईं।

    10 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया: राजजीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कानूनी सुरक्षा मांगी। सुनवाई के दौरान उसके वकील ने अदालत को बताया कि वह आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने उसे सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया।
    24 सितंबर 2026 को सरेंडर किया: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राजजीत सिंह ने पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

वर्ष 2019 में, उन्हें आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में भी नामजद किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। पंजाब पुलिस ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। उनके आत्मसमर्पण को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब पुलिस उनसे विभिन्न मामलों में पूछताछ करेगी। इस गिरफ्तारी से कई और खुलासे होने की उम्मीद है।