Punjab Crime: यूरोप से गैंगस्टर अमृत दलम की भारत वापसी, जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा नाम

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By EditorPublished On: September 12, 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पठानकोट

पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर और पंजाब में मोस्ट वॉन्टेड अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी उसे प्रत्यर्पण करके यूरोपीय देश मोल्दोवा से भारत वापस लाए हैं. यह पहली बार है जब पंजाब पुलिस ने किसी किसी आरोपी को किसी यूरोपीय देश से प्रत्यर्पित कराकर वापस पंजाब लाया गया है. अमृत दलम पर 21 मामले दर्ज थे, जिसमें अमृतसर में कई व्यापारियों को धमकाने के मामले भी दर्ज थे. उसे वापस भारत लाना बड़ी सफलता माना जा रहा है। 

भारत से 2024 में हुआ था फरार
अमृत दलम जग्गू भगवानपुरिया के मुख्य हिटमैन के तौर पर काम करता था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें 4 मामले ट्रायल में हैं, जबकि 17 मामलों में जांच चल रही है. अक्टूबर 2024 के आखिरी सप्ताह में भारत से फरार हुआ था, उसने चंडीगढ़ से जारी फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था. इस पासपोर्ट में उसकी पहचान गुरपाल सिंह के नाम से बताई गई थी. भारत से निकलने के बाद वह सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचा और इसके बाद कई देशों से होते हुए मोल्दोवा पहुंच गया। 

यूक्रेन भागने वाला था अमृत दलम 
बताया जा रहा है कि अमृत दलम यूक्रेन भागने की फिराक में था. इसी चक्कर में वह मोल्दोवा में पकड़ा गया. अमृतपाल सिंह को 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के अधिकारियों ने उस समय पकड़ लिया, जब वह ओटासी स्टेट बॉर्डर से यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था. इसके बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कोशिशों से उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई. अमृत दलम को अजरबैजान के बाकू के ट्रांजिट रूट से भारत लाया गया. पंजाब पुलिस की टीम और आरोपी आज सुबह 12 जून 2026 को नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुंचे थे. पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के फर्जी पासपोर्ट की जानकारी और उसके संभावित ठिकानों से जुड़ी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की. इसके आधार पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू की गई और नोटिस हासिल किया गया। 

21 आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड
दबोचा गया गैंगस्टर, जग्गू भगवानपुरिया के मुख्य हिटमैन के तौर पर काम करता था। पंजाब पुलिस ने विदेश भागे आरोपी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत वापस ला दिया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 4 मामले ट्रायल में हैं, जबकि 17 मामलों में जांच चल रही है। 

फर्जी पहचान से भारत से फरार हुआ था
पुलिस के मुताबिक अमृतपाल सिंह करीब अक्टूबर 2024 के आखिरी सप्ताह में भारत से फरार हुआ था। उसने चंडीगढ़ से जारी फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। इस पासपोर्ट में उसकी पहचान ‘गुरपाल सिंह’ के नाम से बताई गई थी। 

भारत से निकलने के बाद वह सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचा और इसके बाद कई देशों से होते हुए मोल्दोवा पहुंच गया।

यूक्रेन भागने की कोशिश के दौरान मोल्दोवा में पकड़ा गया
अमृतपाल सिंह को 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के अधिकारियों ने उस समय पकड़ लिया, जब वह ओटासी स्टेट बॉर्डर से यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कोशिशों से उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।  

इसके बाद अमृत दलम को अजरबैजान के बाकू के ट्रांजिट रूट से भारत लाया गया। पंजाब पुलिस की टीम और आरोपी आज सुबह 12 जून 2026 को नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुंचे।

फर्जी पासपोर्ट और लोकेशन के आधार पर रेड कॉर्नर नोटिस
पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के फर्जी पासपोर्ट की जानकारी और उसके संभावित ठिकानों से जुड़ी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की। इसके आधार पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू की गई और नोटिस हासिल किया गया। 

छह महीने तक चला इंटरनेशनल ऑपरेशन
अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस की AGTF और OFTEC Punjab ने करीब छह महीने तक इंटेलिजेंस आधारित अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया। इस ऑपरेशन का नाम ‘Operation Eastern Reach’ रखा गया था। इसमें लगातार निगरानी के साथ देश और विदेश की अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय किया गया। 

मोल्दोवा की अदालत से मिली भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी
अमृतपाल सिंह को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया के दौरान 26 मई 2026 को अदालत ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। इसके बाद उसने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन 16 जुलाई 2026 को Court of Appeal Centru ने उसकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही प्रत्यर्पण का आदेश अंतिम हो गया। 

चार सदस्यीय पंजाब पुलिस टीम मोल्दोवा पहुंची
प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होने के बाद पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम मोल्दोवा पहुंची। टीम ने 11 सितंबर 2026 को चिशिनाउ एयरपोर्ट पर अमृतपाल सिंह को अपनी हिरासत में लिया और उसे पंजाब वापस लाया। 

पंजाब में 21 केस, कई गंभीर धाराओं से जुड़े मामले
पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक अमृतपाल सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों में UAPA/Explosives, हत्या, Arms Act, NDPS, जबरन वसूली, Passport Act और अन्य BNS से जुड़े मामले शामिल हैं। रिकॉर्ड में हत्या से जुड़े 5, Arms Act के 9, NDPS का 1 और UAPA/Explosives का 1 मामला दर्ज बताया गया है। 

किन जिलों में दर्ज हैं मामले?
जांच के तहत चल रहे 17 मामलों में सबसे ज्यादा 7 FIR बटाला, 4 गुरदासपुर, 2 अमृतसर कमिश्नरेट, 2 होशियारपुर, 1 लुधियाना कमिश्नरेट और 1 FIR SSOC अमृतसर से जुड़ी बताई गई है। वहीं ट्रायल में चल रहे 4 मामले बटाला में दर्ज हैं। 

यानी करीब दो साल पहले फर्जी पहचान और पासपोर्ट के जरिए देश से फरार हुआ अमृतपाल सिंह मोल्दोवा में पकड़ा गया। छह महीने चले अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन, कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण के बाद अब पंजाब पुलिस उसे भारत वापस ले आई है।

छह महीने तक चला इंटरनेशनल ऑपरेशन

अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस की AGTF और OFTEC Punjab ने करीब छह महीने तक इंटेलिजेंस आधारित अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया. इस ऑपरेशन का नाम Operation Eastern Reach रखा गया था. इसमें लगातार निगरानी के साथ देश और विदेश की अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय किया गया. अमृतपाल सिंह को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया के दौरान 26 मई 2026 को अदालत ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी. इसके बाद उसने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन 16 जुलाई 2026 को कोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी. इसके साथ ही प्रत्यर्पण का आदेश अंतिम हो गया।