जैसलमेर में नाइट टूरिज्म पर पूरी रोक नहीं, डीएनपी के बाहर ऊंट सफारी जारी

Author Picture
By EditorPublished On: October 16, 2026

जैसलमेर
राजस्थान के जैसलमेर घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों के लिए सम और कनोई क्षेत्र के धोरों को लेकर बड़ी खबर है। वन विभाग ने राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) के दायरे में आने वाले धोरों पर सूर्यास्त के बाद ऊंट सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई है। हालांकि, इस आदेश को लेकर पर्यटकों और पर्यटन कारोबारियों में असमंजस पैदा हो गया था। अब वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी पूरे सम क्षेत्र या जैसलमेर के सभी धोरों पर लागू नहीं है। डीएनपी की सीमा से बाहर पर्यटन गतिविधियां पहले की तरह जारी रहेंगी।

यह पूरा मामला क्षेत्रीय वन अधिकारी की ओर से 11 अक्टूबर को जारी पत्र के बाद सामने आया। इसमें राष्ट्रीय मरु उद्यान के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे। विभाग ने धोरों पर बढ़ते कचरे, नाइट टूरिज्म के दौरान लेजर लाइट के अत्यधिक इस्तेमाल और सूर्यास्त के बाद पर्यटन गतिविधियों पर चिंता जताई थी। पत्र सामने आने के बाद पर्यटन कारोबारियों और पर्यटकों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि क्या अब सम के विश्व प्रसिद्ध सैंड ड्यून्स पर सूर्यास्त के बाद घूमना, ऊंट सफारी करना और अन्य गतिविधियों का आनंद लेना बंद हो जाएगा। इससे रिसोर्ट संचालकों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों में भी भ्रम की स्थिति बन गई।

डीएनपी के बाहर प्रतिबंध नहीं, इन जगहों पर नाइट टूरिज्म ले सकते हैं आनं
वन विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सूर्यास्त के बाद गतिविधियों पर रोक केवल राष्ट्रीय मरु उद्यान की निर्धारित सीमा में आने वाले धोरों तक सीमित है। इसे जैसलमेर के सभी पर्यटन स्थलों पर लागू नहीं माना जाना चाहिए। डीएनपी सीमा से बाहर स्थित लखमणा और अन्य धोरों पर पहले की तरह ऊंट सफारी और पारंपरिक पर्यटन गतिविधियां संचालित होती रहेंगी। यानी पर्यटकों को जैसलमेर में सूर्यास्त के समय रेतीले धोरों का नजारा देखने और डेजर्ट सफारी का अनुभव लेने के विकल्प मिलते रहेंगे, बशर्ते वे संबंधित क्षेत्र के नियमों का पालन करें।

पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया कद
सम कैम्प्स एंड वेलफेयर सोसायटी के कैलाश कुमार व्यास के अनुसार, रिसोर्ट संचालक पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों की पालना कर रहे हैं। धोरों को साफ रखने के लिए समय-समय पर सफाई अभियान भी चलाए जाते हैं। डीएनपी के उप वन संरक्षक चंद्रपालसिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि सूर्यास्त के बाद ऊंट सफारी और अन्य गतिविधियों पर रोक केवल डीएनपी क्षेत्र में है। अन्य धोरों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं है। ऐसे में जैसलमेर आने वाले पर्यटकों को यात्रा से पहले अपने चुने हुए पर्यटन स्थल की सीमा और वहां लागू नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

इन्होंने कहा-
'सम क्षेत्र के केवल डीएनपी एरिया में ही सूर्यास्त के बाद ऊंट सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। यह दिशा-निर्देश अन्य ड्यून्स के लिए नहीं है।' -चंद्रपालसिंह चौहान, उप वन संरक्षक, डीएनपी, जैसलमेर