मध्य प्रदेश मौसम : 7 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, बारिश के बाद बढ़ा तापमान, इन शहरों में लू की चेतावनी, जानें IMD पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिका वर्तमान समय की बात करें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ रेखा न दोनों ही प्रदेश के अधिकांश शहरों पर असर डाल रही है। हालांकि इसका असर धीरे-धीरे समाप्त होगा और 7 अप्रैल से एक बार फिर से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा।

Kalash Tiwary
Kalash Tiwary
Published:

MP Weather : मध्य प्रदेश में कुछ दिनों की बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ था। हालांकि एक बार फिर से भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के मौसम में बारिश के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। वहीं कुछ दिनों में तापमान 40 डिग्री पर स्थिर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग द्वारा जल्द ही तेज गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।

इंदौर उज्जैन ग्वालियर और भोपाल में तापमान में 5 डिग्री तक का इजाफा देखा जा सकता है। इसके साथ इस महीने के अंतिम सप्ताह में सबसे तेज धूप पड़ने की चेतावनी जारी की गई है। 7 से 10 दिन के भीतर उज्जैन ग्वालियर और चंबल संभाग में 10 जिलों में हीट वेव की संभावना जताई गई है। वहीं ग्वालियर दतिया भिंड मुरैना सिंगरौली अनूपपुर शहडोल डिंडोरी में भी तापमान में इजाफा देखा जाएगा।

कई शहरों में गर्मी का असर

प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का असर देखा जा रहा है। कई जगहों पर तापमान 7 डिग्री तक बढ़ गया है। नर्मदा पुरम रतलाम में भी तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। वहीं टीकमगढ़ नौगांव खरगोन और सतना में भी तापमान 35 से 38 डिग्री रिकार्ड किया गया है। इधर मौसम विभाग द्वारा शनिवार को प्रदेश के करीब चार जिलों में बारिश और वज्रपात हुई थी।

इससे पहले बदले मौसम के हाल की बात करें तो गुरुवार शाम को बारिश में कुछ जगह पर ओलावृष्टि देखने को मिली थी। जिसके कारण मौसम में हल्की ठंडी देखी गई थी। दिन भर तेज धूप के बाद शुक्रवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई थी। जिसमें नर्मदा पुरम जिले में 9 मिली मीटर तक बारिश से मौसम सुहावना बना था। हालांकि अब एक बार फिर से गर्मी बढ़ने के साथ लू की सम्भावना है।

गर्मी बढ़ने के साथ लू की सम्भावना

मौसम सिस्टम की बात करें तो प्रदेश में फिलहाल कोई मौसम सिस्टम सक्रिय नहीं है। 24 घंटे के दौरान प्रदेश के नर्मदापुरम, रतलाम जिले में सबसे अधिक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिपोर्ट किया गया है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिका वर्तमान समय की बात करें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ रेखा न दोनों ही प्रदेश के अधिकांश शहरों पर असर डाल रही है। हालांकि इसका असर धीरे-धीरे समाप्त होगा और 7 अप्रैल से एक बार फिर से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा।