यूपी में जल्द 1 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगी सरकारी नौकरी, योगी सरकार ने बताया भर्ती का प्लान

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By EditorPublished On: November 6, 2026

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों के सामने विश्वास का संकट था। उत्तर प्रदेश की पहचान उपद्रव प्रदेश के रूप में बन गई थी, लेकिन आज प्रदेश में कानून का राज है। यूपी को लॉफुल प्रदेश बनाना है, लॉलेस नहीं। पुलिस को आमजन के विश्वास का प्रतीक बनना होगा। शुक्रवार को पुलिस लाइन मैदान में 4543 नव चयनित उप निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को खुद को जनता के विश्वास की कसौटी पर कसने के लिए तैयार रहना होगा। शानदार पारी खेलने के लिए बिना रुके, बिना डिगे और बिना भय के आगे बढ़ते रहना है।

1 लाख से अधिक लोगों को मिलेगी नौकरी
योगी ने कहा कि सरकार ने एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। सितंबर से लगातार नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। जल्द ही 1200 राजस्व कर्मियों, 42 हजार होमगार्ड और 32 हजार सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि कुछ नियुक्तियां तीसरी पारी के लिए भी रखेंगे।

साढ़े 9 साल में 9.50 लाख से ज्यादा भर्तियां
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी नौकरी मिलना बेहद कठिन था। तत्कालीन सरकारों की न तो कोई नीति थी और न ही नियत। आवेदन कोई करता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिल जाता था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बेईमानी से नियुक्तियां कीं, उनकी संपत्ति जब्त होने पर उन्हें खुशी होगी। योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 9.50 साल में 9.50 लाख से अधिक भर्तियां की हैं। यह सरकार की अनुकंपा नहीं, बल्कि कर्तव्य है। नव चयनित अभ्यर्थियों ने भी किसी की कृपा से नहीं, बल्कि अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी हासिल की है।

न्यायपूर्ण निर्णय के साथ व्यवहार भी जरूरी
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 2017 में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। यूपी पुलिस ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया है। उन्होंने नव चयनित उप निरीक्षकों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी लोगों को न्याय दिलाने की है। उनका निर्णय न्यायपूर्ण होना चाहिए और व्यवहार में भी न्याय दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित के साथ न्याय करने से पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पुलिसकर्मियों की पहचान भौतिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और न्यायपूर्ण कार्यशैली से बनेगी। लालच और बुरी संगत से बचते हुए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
10 साल पहले यूपी ने पहचान खो दी थी- योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 10 साल पहले यूपी ने देश में अपनी पहचान खो दी थी। प्रदेश का नाम सुनकर लोग चौंक जाते थे। भर्तियां लगभग बंद थीं और यूपी अव्यवस्था, अशांति, कर्फ्यू व दंगों का पर्याय बन गया था। उन्होंने कहा कि पहले भर्ती का मतलब सैफई सिंडिकेट होता था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे तोड़ दिया है। अब प्रदेश में भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा। योगी ने कहा कि देश में कहीं घटना होने पर पीड़ित कहते हैं कि अगर यूपी पुलिस होती तो गुंडों और माफियाओं का इतना दुस्साहस नहीं होता।