पूर्व DIG भुल्लर के खिलाफ CBI को बड़ी कामयाबी, गवाहों ने रिश्वत मामले में आवाज की पहचान की

Author Picture
By EditorPublished On: November 7, 2026

चंडीगढ़.

आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके बिचौलिये पूर्व हाॅकी खिलाड़ी कृष्णु शारदा बुरी तरह फंस गए हैं। दोनों के खिलाफ पहले तो शिकायतकर्ता ने डटकर गवाही दे दी थी और अब उन लोगों ने भी बयान दे दिया जिन्हें सीबीआई ने आवाज पहचानने के लिए गवाह बनाया था।

सीबीआई ने भुल्लर के आफिस स्टाफ और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के कार्यालय के मुख्य सेवादार की गवाही करवाई। उन दोनों को भुल्लर और बिचौलिये कृष्णु शारदा की आवाज की पहचान करनी थी। सीबीआई के पास सबूत के तौर पर इन दोनों की वाइस रिकार्डिंग हैं जिनमें वे रिश्वत के लेनदेन की बात कर रहे हैं।

मामला आकाश बत्ता की शिकायत से जुड़ा –
मामला मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत से जुड़ा है। बत्ता ने 11 अक्टूबर 2025 को CBI की एंटी करप्शन ब्रांच में शिकायत दी थी। आरोप था कि रोपड़ रेंज के तत्कालीन DIG हरचरण सिंह भुल्लर और उनके बिचौलिए कृष्णू शारदा ने एक आपराधिक मामले में उसे गिरफ्तार न करने के बदले 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

फोन करवाकर उसे मिलने के लिए बुलाया था
शिकायतकर्ता का आरोप था कि भुल्लर ने अपने कार्यालय से फोन करवाकर उसे मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वह 24 सितंबर 2025 को भुल्लर के सेक्टर-74 स्थित कैंप ऑफिस पहुंचा था। अब CBI ने इसी मुलाकात को लेकर ऑफिस का विजिटर एंट्री रिकॉर्ड अदालत में पेश किया है। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से यह कहा जाता रहा है कि भुल्लर शिकायतकर्ता आकाश बत्ता से मिले ही नहीं थे। ऐसे में कैंप ऑफिस का विजिटर रिकॉर्ड CBI की ओर से पेश किया गया महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। रिकॉर्ड में शिकायतकर्ता के कार्यालय पहुंचने की एंट्री दर्ज होने का दावा किया गया है।

यह दस्तावेज अहम भूमिका निभा सकता है 
CBI का यह दस्तावेज शिकायतकर्ता के उस बयान को समर्थन देता है, जिसमें उसने कहा था कि उसे भुल्लर से मिलने के लिए बुलाया गया था। अदालत में पेश किए गए इस रिकॉर्ड के बाद रिश्वत मामले की सुनवाई में यह दस्तावेज अहम भूमिका निभा सकता है।