उज्जैन सिंहस्थ 2028: 919 करोड़ से डायवर्ट होगी कान्ह नदी, 7 रेलवे स्टेशन भी होंगे अपग्रेड

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By EditorPublished On: October 23, 2026

 इंदौर 
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां अब मेला क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। सरकार की योजना में उज्जैन के घाटों और बुनियादी सुविधाओं के साथ इंदौर, जावरा, झालावाड़, गरोठ और मक्सी की ओर जाने वाले सड़क मार्ग, परिवहन, पेयजल, सीवरेज और धार्मिक स्थलों का विकास भी शामिल है।

सरकार की सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग जिलों में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के 225 से ज्यादा विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र में करीब 3 हजार करोड़ रुपए की अस्थायी अधोसंरचना के काम भी प्रस्तावित हैं। सिंहस्थ-2028 में कुल 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। 2016 के सिंहस्थ में 6 करोड़ श्रद्धालु आए थे।

इंदौर से जावरा तक सड़क नेटवर्क पर बड़ा निवेश
सिंहस्थ की तैयारियों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय असर सड़क कनेक्टिविटी के रूप में दिखाई देगा। अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर-उज्जैन 6 लेन मार्ग के लिए 1,692 करोड़ रुपए, उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड रोड के लिए 2,935 करोड़ और उज्जैन-जावरा 4 लेन मार्ग के लिए 5,017 करोड़ रुपए की लागत आना है। उज्जैन-झालावाड़ मार्ग को 2 से 4 लेन करने के लिए 2,523 करोड़, उज्जैन-गरोठ मार्ग के लिए 2,660 करोड़ के काम होना है।

सिंहस्थ के बाद भी काम आएगा इंफ्रास्ट्रक्चर
सिंहस्थ से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इंदौर-उज्जैन के बीच नियमित आवागमन, औद्योगिक माल परिवहन, कारोबार और आसपास के धार्मिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच में भी सुधार की संभावना है।

घाटों पर 4 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की क्षमता
सिंहस्थ के लिए 29 किमी से अधिक नए घाटों के निर्माण पर 778 करोड़ रुपए और 7.8 किलोमीटर मौजूदा स्थायी घाटों के उन्नयन पर 120 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। शिप्रा को स्वच्छ और अविरल रखने के लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जल भंडारण प्रोजेक्ट पर 614.53 करोड़ रुपए तथा कान्ह डायवर्जन प्रोजेक्ट पर 919 करोड़ रुपए खर्च होना है। कान्ह के प्रदूषित पानी को शिप्रा में मिलने से रोकना इस व्यवस्था का अहम उद्देश्य है।

236 स्पेशल ट्रेनें और 2 हजार बसें चलेंगी
रेलवे के लिए 236 स्पेशल ट्रेनें, सात स्टेशनों का उन्नयन और 2,000 बसों से श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन व होल्डिंग एरिया से घाटों तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

सामान्य दिनों के लिए 10.13 लाख, पर्व पर 22.35 लाख वाहनों के पार्किंग की क्षमता
मेला क्षेत्र में 3,219 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है। पार्किंग व्यवस्था के लिए 3,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र और 30 पार्किंग सेक्टर बनाए जाएंगे। सामान्य दिनों के लिए पहले स्तर की पार्किंग क्षमता प्रतिदिन 10.13 लाख वाहनों और पर्व स्नान के लिए 22.35 लाख वाहनों की होगी।